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अपना देश छोड़कर भारत आने वालों की संख्या हजारों में पहुंची...

Dec 11, 2023
2 min read





































ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली- अधिकारियों द्वारा म्यांमार से लगभग 2200 लोग पिछले कुछ दिनों में मणिपुर के सीमावर्ती जिले कामजोंग में दाखिल हुए हैं। म्यांमार में भड़की हिंसा के चलते अपना देश छोड़कर भारत आने वालों की संख्या हजारों में पहुंच गई है। जिले के अलग-अलग इलाकों में भागकर आए ये लोग राज्य में शरण मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।


फरवरी 2021 में सेना की ओर से तख्तापलट कर सत्ता पर काबिज होने के बाद से म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली की मांग को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ’10 दिसंबर तक करीब 2260 शरणार्थी कामजोंग जिले में घुसे हैं। यहां पर इनकी बायोमेट्रिक पहचान ली जा रही है। अब तक करीब 1778 बायोमेट्रिक्स कैप्चर किए गए हैं।’


जिले में तैनात अधिकारियों के अनुसार, म्यांमार से भागकर मणिपुर आने वाले शरणार्थियों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पिछले एक महीने से इन्हें भोजन और अन्य जरूरी घरेलू सामान मुहैया कराकर मदद दी जा रही है। इनमें से ज्यादातर फाइकोह, एच थाना/संगकालोक, के अशांग खुल्लन, वांगली और नामली गांवों में रुके हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि कुछ शरणार्थी रविवार को भी जिले में पहुंचे हैं। मालूम हो कि मणिपुर के 5 जिले (चुराचांदपुर, चंदेल, कामजोंग, तेंगनौपाल और उखरुल) म्यांमार संग 398 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। अकेले कामजोंग जिले की 109 किमी लंबी सीमा म्यांमार से लगी है।


भारत ने म्यांमार को अपनी सुरक्षा चिंताओं और शरणार्थियों के आगमन सहित सीमा पर पैदा हुई चुनौतियों से अवगत कराया है। भारत-म्यांमार सीमा के पास लड़ाई के कारण मिजोरम में भी म्यांमार के शरणार्थियों की आमद बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह मुद्दा बीते बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित भारत-म्यांमार विदेश कार्यालय विचार-विमर्श में उठाया गया।


भारत स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान और म्यांमार में लोकतंत्र की वापसी का अपील करता रहा है। बागची ने कहा, ‘हमने विशेष रूप से शरणार्थियों के आगमन, सीमा पर पैदा हुई चुनौतियों समेत सुरक्षा चिंताओं से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की।’

 
 
 

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