हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, 38 जजों की पदोन्नति से बदलेगा न्यायिक व्यवस्था...
- ANIS LALA DANI

- 11 hours ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ :- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक सेवा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के 38 सिविल जजों को जूनियर डिवीजन से सीनियर डिवीजन में पदोन्नत किया है। लंबे समय से जूनियर डिवीजन में कार्यरत इन न्यायिक अधिकारियों को अब सीनियर डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने पदोन्नति आदेश जारी किया है।
38 न्यायिक अधिकारियों को मिला प्रमोशन
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत 38 सिविल जजों को पदोन्नत कर सीनियर डिवीजन में नियुक्त किया गया है। यह फैसला न्यायिक सेवा में प्रशासनिक मजबूती और अनुभवी अधिकारियों को अधिक जिम्मेदारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों की पदोन्नति एक ही तारीख से लागू नहीं होगी। अलग-अलग न्यायिक अधिकारियों के लिए मार्च और अप्रैल 2026 की विभिन्न तिथियों से पदोन्नति प्रभावी मानी गई है। इसके अनुसार संबंधित अधिकारियों को सीनियर डिवीजन के पद पर कार्यभार और दायित्व सौंपे जाएंगे।

बढ़ेंगी जिम्मेदारियां :-
सीनियर डिवीजन में पदोन्नत होने के बाद इन न्यायिक अधिकारियों को अधिक जटिल और महत्वपूर्ण दीवानी मामलों की सुनवाई सहित न्यायिक प्रशासन से जुड़े अतिरिक्त दायित्व निभाने होंगे। न्यायिक सेवा में यह पदोन्नति करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी संख्या में सिविल जजों की पदोन्नति से जिला न्यायालयों में प्रशासनिक कार्यों को गति मिलेगी। अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारी मिलने से न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया आदेश
पदोन्नति संबंधी आदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव की ओर से जारी किया गया है। आदेश के साथ पदोन्नत अधिकारियों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें सभी 38 न्यायिक अधिकारियों के नाम और उनकी पदोन्नति से संबंधित प्रभावी तिथियां दर्ज हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का यह फैसला न्यायिक सेवा में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और योग्य अधिकारियों को समय पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। इससे न्यायपालिका में कार्यरत अधिकारियों का मनोबल बढ़ने के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।




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