सरकार तय करे कि बृजभूषण का करीबी डब्ल्यूएफआई चुनाव में न उतरे - बजरंग...

पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा है भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को इस बार ये सुनिश्चित करना होगा कि पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और उनका कोई भी करीबी चुनाव में न उतर पाये। बजरंग के अनुसार अगर बृजभूषण का कोई करीबी डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पद पर आता है तो महिला पहलवानों को डर के साये में ही जीना पड़ेगा। ऐसे में कोई भी महिला पहलवान अपने ऊपर हो रही ज्यादतियों की शिकायत नहीं कर पायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को डब्ल्यूएफआई में बदलाव करने के अपने आश्वासन को पूरा करना होगा तभी महिला पहलवान सुरक्षित हो पायेंगी।
गौरतलब है कि बृजभूषण के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ सहित कई अन्य आरोप लगाये थे जिसकी अभी जांच चल रही है। वहीं इस मामले में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों से वादा किया था कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। इस मामले में बजंरग पूनिया, विनेश फोगाट के अलावा अन्य शीर्ष पहलवानों ने धरना प्रदर्शन भी किया था। जिसके बाद खेलमंत्रालय ने कहा था कि बृजभूषण का कोई करीबी चुनाव नहीं लड़ पायेगा।
पुनिया ने कहा, बृजभूषण के करीबी संजय कुमार सिंह डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। अगर कहीं संजय कुमार जीतते हैं तो इससे बृजभूषण का राज फिर कायम हो जाएगा। वहीं सरकार ने हमसे वादा किया था कि बृजभूषण और उनके परिवार के करीबी लोग चुनाव नहीं लड़ेंगे पर ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
अगर सरकार महिला पहलवानों की सुरक्षा चाहती है तो उसे ये देखना चाहिये कि संजय जैसे लोग चुनाव में न उतरें।
संजय उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष हैं। बजरंग ने आगे कहा कि जिस पल ये साफ हो जाएगा कि कुश्ती महासंघ से बृजभूषण का दबदबा समाप्त हो जाएगा अन्य महिला पहलवान भी शिकायत लेकर आगे आ जाएंगी। इसलिए सरकार देखे कि कोई योग्य उम्मीदवार ही अध्यक्ष बने। कुश्ती महासंघ अध्यक्ष के लिए पहली बार एक पूर्व महिला पहलवान अनीता श्योराण भी मैदान में हैं।






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