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अपराधियों पर पुलिस का खौफ प्रदेश मे खत्म, भाजपा सरकार के बाद अपराधगढ़ के साथ छग में लौटेगा जंगलराज..

Sep 8, 2023
3 min read









































































  • बढ़ते अपराधों पर भाजपा ने चिंता जताई, प्रदेश अध्यक्ष साव के नेतृत्व में राज्यपाल से मिलकर प्रदेश सरकार की शिकायत करेगी

  • प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने का सवाल : क्या प्रदेश सरकार और प्रशासनिक मशीनरी अपराधियों व असामाजिक तत्वों से डरी हुई है?

  • 'मुख्यमंत्री बघेल के महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं देने के ऐलान का कहीं कोई असर दिख नहीं रहा है'

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों, गैंगरेप की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। प्रदेश में अपराधियों पर पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है, और कांग्रेस के कुशासन के चलते छत्तीसगढ़ अब पूरी तरह अपराधगढ़ बन गया है और प्रदेश जंगलराज कायम हो गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता केदारनाथ गुप्ता ने कहा है कि भाजपा शीघ्र ही प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के नेतृत्व में प्रदेश की राजधानी से लेकर हर शहर-नगर और गाँवों में लगातार बढ़ रहे अपराधों के परिप्रेक्ष्य में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से मिलेगी और प्रदेश के कुशासन, बढ़ते अपराधों, महिला असुरक्षा आदि मुद्दों पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ शिकायत करेगी। भाजपा राज्यपाल हरिचंदन को इस बात से भी अवगत कराएगी कि प्रदेश सरकार अपनी प्रशासनिक क्षमता खो चुकी है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुप्ता ने शुक्रवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफ के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के राज में छत्तीसगढ़ ने अपराधगढ़ के नाम से अपनी पहचान बना ली है, जहां आये दिन चाकूबाजी, हत्या, लूट और महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों को सामूहिक रूप से अपराधियों द्वारा एक साथ अंजाम दिया जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि अपराधों का बढ़ता ग्राफ बताता है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के मन से कानून के राज और शासन-प्रशासन को खौफ खत्म हो गया है। गुप्ता ने कहा कि बढ़ते अपराधों के मद्देनजर मुख्यमंत्री बघेल ने एक नियम का ऐलान किया था कि महिलाओं से छेड़छाड़ और उनका उत्पीड़न करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, उसका कहीं कोई असर दिख नहीं रहा है। अपराधी यह मानकर चल रहे हैं कि सरकार उनसे डरकर नए-नए नियम बना रही है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुप्ता ने कहा कि हम सब जानते हैं कि भारतीय दंड संहिता में सारे अपराधों का उल्लेख है और उसमें सजा का प्रावधान है। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने नियम का ऐलान करने के बाद यह मान लिया था कि अब आईएएस-आईपीएस अधिकारी भारत के संविधान का पालन अपराध रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए नए नियम का ऐलान करके शिगूफा छोड़ा था ताकि अपराधी डरें। गुप्ता ने सवाल किया कि किसी अपराधी और असामाजिक तत्व को क्या सरकारी नौकरी की आवश्यकता होती है? उल्टे मुख्यमंत्री के नियम के ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। जशपुर, बिलासपुर और बस्तर क्षेत्र में लगातार हो रही सामूहिक बलात्कार की घटनाओं का जिक्र करते हुए गुप्ता ने कहा कि अब तो राजधानी से लगे मंदिर हसौद में 10 लोगों ने रक्षाबंधन मनाकर लौट रहीं दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इससे पूरे प्रदेश में, परिवार, बच्चियों और महिलाओं में डर का एक माहौल पैदा हो गया है। राजधानी के सबसे पॉश इलाके देवेंद्रनगर में भी एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार होता है, शिक्षक दिवस के दिन एक आदिवासी शिक्षिका के साथ जशपुर जिले में सामूहिक बलात्कार होता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना होती है। यह अपराधों की पराकाष्ठा है।


भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने हमेशा इन बढ़ते अपराधों के प्रति अपनी चिंता से प्रदेश सरकार को लगातार अवगत कराया है, लेकिन प्रदेश की यह भूपेश सरकार इन सब वारदातों से आँखें मूंदे बैठी है। अब मुख्यमंत्री बघेल यह प्रदेश को बताएँ कि क्या प्रदेश सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी अपराधियों व असामाजिक तत्वों से डरी हुई है? अवसर फाउंडेशन के हाल ही सामने आए एक सर्वें का हवाला देते हुए गुप्ता ने कहा कि प्रदेशभर के लोगों से चर्चा के बाद यह निष्कर्ष प्रस्तुत किया है कि 78 फीसदी अभिभावक यह मानते हैं कि छत्तीसगढ़ पहले शांत प्रदेश था, अब तो हमारी बहू-बेटियाँ, बच्चियाँ जब भी घर से बाहर जाती हैं तो उनके घर लौटने तक परिवार चिंतित रहता है। शाम और रात को घर की महिलाओं को घर से बाहर भेजने में डर लगता है। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल नए नियम का ऐलान कर रहे हैं, और उसके बाद भी अपराधों पर काबू नहीं पा सक रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि छत्तीसगढ़ को महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों से मुक्त करने की जरा भी इच्छा शक्ति कांग्रेस की इस प्रदेश सरकार में नहीं है। अब पूरे प्रदेश ने यह मन बना लिया है कि यह सरकार हटेगी तभी छत्तीसगढ़ में फिर से शांति कायम होगी।

 
 
 

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