कलेक्टर ने जारी किया आदेश, पशुओं को बहार छोड़ने वालो की अब खैर नहीं....

जिले में सड़क पर आवारा पशुओं के विचरण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु पालकों द्वारा सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, उद्यानों में विचरण करते पाए जाने पर संबधित पशुपालकों से एक हजार रूपये जुर्माना वसूला जाएगा और पशुओं को निकटतम कांजी हाउस भेजा जाएगा। पुनरावृत्ति होने पर पांच सौ रूपये जुर्माना राशि ली जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आदेश जारी किया है। जिसमें ग्राम पंचायत के सचिव को इस कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही पशु अतिचार अधिनियम के तहत् पशुपालकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने इस संबंध में बैठक ली जिसमें जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी अबिनाश मिश्रा, नगर निगम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। डॉ भुरे ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न हाईवे में दुर्घटना जन्य स्थान चिन्हित किए गए है। जिसमें सेरीखेड़ी, संतोषी नगर, सिलतरा, सिंघनपुर, पारागांव-आरंग, चरौदा, उरला, फुंडहर, अभनपुर और टाटीबंध इत्यादि स्थान शामिल है। इनके सहित हाईवे में अन्य स्थानों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं को संयुक्त दल द्वारा हटाया जाएगा और करीब के गौठानों में शिफ्ट किया जाएगा। इस व्यवस्था में पुलिस विभाग आवश्यक सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि गौठान में चारा-पानी तथा अन्य व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंध किया जाएगा। साथ ही घायल पशुओं का ईलाज भी कराया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न सड़कों में विचरण करने वाले आवारा पशुओं को गौठानों में रखा जाएं। उन्होंने आवारा पशुओं में निरंतर रेडियम लगाने तथा टैगिंग करने के निर्देश दिए।






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