आतंकियों पर भारी पड़ रही सेना की कार्रवाई.......

जम्मू-कश्मीर में सेना की आतंकियों पर कार्रवाई लगातार जारी है। सेना ने पिछले पचास दिनों में 21 आतंकियों को ढेर कर दिया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालाकि पिछले कुछ समय से आतंकियों और देश के सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ काफी अधिक बढ़ गई है। हाल ही में दो दिन के अंदर पुंछ जिले में 6 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक जून और जुलाई का महीना जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के लिए सबसे घातक रहा है। क्योंकि 1 जून से 20 जुलाई के बीच सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 21 आतंकवादियों को ढेर कर दिया।
वहीं इस साल जनवरी से मई तक सेना ने 14 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। हालांकि जनवरी से अप्रैल के बीच जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों की संख्या काफी कम थी। मीडिया में आ रही रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में 4 आतंकवादी मारे गए थे, फरवरी में तीन, मार्च में एक और अप्रैल में आतंकवादियों के मरने का आंकड़ा शून्य रहा। वहीं मई में छह आतंकवादी ढेर हो गए। विशेषज्ञों ने कहा कि मुठभेड़ में आतंकवादियों के मारने के आंकड़े हैरान करने वाले नहीं हैं। क्योंकि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में दर्रों के बंद होने के कारण घुसपैठ कम हो जाती है। इसके बाद जैसे-जैसे बर्फ पिघलती जाती है, वैसे-वैसे आतंकियों की घुसपैठ बढ़ने लगती है।
आंकड़े बताते हैं कि इस साल 1 जनवरी से 20 जुलाई और साल 2022 में 1 जनवरी से 20 जुलाई के बीच मारे गए आतंकवादियों की संख्या में 73 फीसदी की गिरावट आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश और स्थानीय आतंकियों की भर्ती में गिरावट को मुख्य कारण बताया है। टी.ओ.आई द्वारा प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 20 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर में 35 आतंकवादी मारे गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 131 आतंकवादी मारे गए थे। साल 2022 में जनवरी-जुलाई के दौरान 95 स्थानीय आतंकवादी मार गिराए गए थे। जबकि इस साल अभी तक केवल 8 स्थानीय आंतकी मारे गए हैं।






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