उप प्रधानाचार्य के पद पर प्रोमोट किए गए शिक्षक नया आदेश जारी न होने से परेशान.....

दिल्ली के सरकारी विद्यालय में बीते वर्ष 2018 और 2019 में कुल 873 पीजीटी शिक्षकों को उप प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत किया गया था। इस दौरान दिल्ली शिक्षा निदेशालय की तरफ से यह शर्त रखी गई थी कि इन शिक्षकों को 6 माह के लिए पदोन्नत किया जाएगा, अथवा जब तक इस पद को नियमित आधार पर नहीं भर लिया जाता है। हालांकि यह शिक्षक बीते सालों से लगातार संविदा पर काम कर रहे हैं और अभी तक इन्हें नियमित नहीं किया गया।
जबकि 6 माह बीते जाने के बाद भी अगले संविदा अवधि का आदेश जारी नहीं किया गया है। इस मामले में शिक्षकों द्वारा दिल्ली उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र भी लिखा गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए संविदा पर तैनात उप प्रधानाचार्य ने बताया कि, हमारा भविष्य संकट में है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा साल 2018 में एक आदेश जारी करते हुए 628 और 2019 में 245 शिक्षकों को उप प्रधानाचार्य पद पर संविदा पर 6 माह के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन आज भी वह सभी 873 शिक्षक संविदा पद पर ही कम कर रहे हैं |
उन्हें नियमित नहीं किया गया। सरकारी नियमों के अनुसार पदोन्नति के बाद शिक्षक निर्धारित अवधि तक ही संविदा पर काम कर सकते हैं। यह दिल्ली शिक्षा निदेशालय का बेहद लापरवाही भरा रवैया है। दिल्ली सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर कार्य कर रहे एक अन्य शिक्षक ने भी कहा कि साल 2018 में आए निर्णय के बाद 6 महीने के लिए हमें उप प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन आज तक हम नियमित नहीं हो पाए। यहां तक की शिक्षा निदेशालय की तरफ से संविदा के कार्यकाल को बढ़ाए जाने का भी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया।






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