SIT ने पुलिसकर्मी और साइबर विशेषज्ञ को किया गिरफ्तार...
बेंगलुरु- पिछली भाजपा सरकार के दौरान सामने आए बिटकॉइन घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एक पुलिस निरीक्षक और एक साइबर विशेषज्ञ को गिरफ्तार किया है।
लोकसभा चुनाव से पहले इस घटनाक्रम में राजनीतिक मोड़ आने की संभावना है, क्योंकि इस घोटाले में राज्य के प्रमुख राजनेताओं की संलिप्तता का संदेह है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आरोपियों को घोटाले से जुड़े सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एसआईटी अधिकारियों ने बुधवार को पांच लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था और सभी को हिरासत में लेने की संभावना थी।
सूत्रों ने बताया कि आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर और साइबर एक्सपर्ट को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसआईटी टीम ने तीन उपाधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। टीम ने कथित सरगना श्रीकी को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के तहत एसआईटी का गठन सितंबर 2023 में किया गया था। गृह मंत्री डॉ जी. परमेश्वर ने तब कहा था, ”हमने पिछली भाजपा सरकार के दौरान लाखों करोड़ रुपये के बंदरबांट के बारे में चर्चा की थी। अब हमने दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। सीआईडी के तहत एसआईटी का गठन किया जा रहा है। घोटाले में तकनीकी, अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय मामले शामिल हैं।”
सूत्रों ने तब कहा था कि बिटकॉइन घोटाला तब हुआ था, जब सीसीबी पुलिस ने 2020 में कथित इंटरनेशनल हैकर श्रीकृष्ण उर्फ श्रीकी को ड्रग्स बेचने के आरोप में बेंगलुरु में गिरफ्तार किया था। यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी हैकर का उपयोग करके, सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने उसे 2020 में हिरासत में घोटाला करने की “अनुमति” देकर भारी धन कमाया था।






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