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खतरे का संकेत, हमारी सोच से भी ज्यादा तेज ग‎ति से घूम रहा मंगल ग्रह.......

Aug 13, 2023
2 min read





















































दिन का आकार हुआ छोटा, जांच में जुटे वैज्ञानिक

वॉशिंगटन - नासा के वैज्ञानिकों ने हाल ही में खुलासा किया है कि मंगल ग्रह बहुत तेज ग‎ति से घूम रहा है। यह जानकारी पिछले साल दिसंबर में सेवा‎निवत्त नासा के इनसाइट मार्स लैंडर के डेटा से ‎मिली है। लैंडर ने मार्स ग्रह के घूमने और इसके हिलने के बारे में नई जानकारी दी है। एक रिपोर्ट के मुता‎बिक इनसाइट मार्स लैंडर इस ग्रह के रोटेशन एंड इंटीरियर स्ट्रक्चर एक्सपेरिमेंट का अध्ययन कर रहा था।


एक मैगजीन में छपी रिपोर्ट के अनुसार मंगल ग्रह की गति की दर को ट्रैक कर पृथ्वी पर नासा के केंद्र को भेज ‎दिया गया था, इसलिए उसने उन्नत रेडियो तकनीक और एंटीना का उपयोग किया। रिपोर्ट के अनुसार मंगल ग्रह का घूर्णन गति प्रतिवर्ष मिलीआर्कसेकेंड तेज हो रहा है। परिणामस्वरूप यहां दिन का समय कुछ कम हो गया है। दक्षिण कैलिफोर्निया में नासा के जेट प्रोपल्शन लैब के हेड ब्रूस बैंडर्ट ने कहा ‎कि मैं लंबे समय से इस पर काम कर रहा हूं, ऐसा रिजल्ट मेरे लंबे समय के कार्य और धैर्य का परिणाम है। बताया जा रहा है कि मंगल के घूमने की ग‎ति काफी जटिल है।


वैज्ञानिक इसका कारण पता लगा रहे हैं। इसके पीछे कई थ्योरी बताई जा रही हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मंगल ग्रह के ध्रुवों पर बर्फ जमा होने या फिर बड़े भारी मात्रा हिमनद के पिघलने के बाद वहां आए बड़े लैंड मास हो सकते हैं, क्योंकि इन्हीं कारणों से ग्रह की घूर्णन गति तेज हो सकती है। वैज्ञानिक ने मंगल ग्रह के कंपन के अध्ययन की मदद से इसके अंदर के खनिज पदार्थों और ग्रह की त्रिज्या मापने की कोशिश की।


यह अनुमान व्यक्त ‎किया जा रहा है ‎कि मंगल की त्रिज्या 1,140 मील है। वहीं नेचर मैगजीन में छपी रिपोर्ट के अन्य लेखक ने इस पर दूसरी जानकारी दी है। अब रॉयल ऑब्जर्वेटरी ऑफ बेल्जियम के एटिलियो रिवोल्डिनी का कहना है ‎कि मंगल ग्रह के कोर के आकार को केवल इसके घूर्णन से नहीं समझाया जा सकता है। ग्रह का आकार मापने के लिए उसके अंदर दबे हुए थोड़े ज्यादा और थोड़े कम घनत्व वाले क्षेत्रों की पहचान करनी होगी।

 
 
 

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