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महासमुंद की शीला प्रधान ने लिया देहदान का संकल्प, कलेक्टर को सौंपा घोषणा-पत्र....

40 minutes ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

महासमुंद: समाज सेवा और परोपकार की दिशा में महासमुंद जिले से एक अत्यंत प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत शीला प्रधान ने मृत्यु के उपरांत अपने शरीर को चिकित्सा विज्ञान और मानव कल्याण के लिए समर्पित करने का बड़ा निर्णय लिया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत मनाए जा रहे दान उत्सव के दौरान उन्होंने अपना देहदान घोषणा-पत्र कलेक्टर विनय कुमार लंगेह को सौंपा।


इस संवेदनशील और पुण्य कार्य के लिए कोसरंगी में आयोजित सेवा सेतु शिविर में उन्हें शाल, श्रीफल और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया तथा देहदान का आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।


"मृत्यु के बाद भी किसी के काम आ सके शरीर"-

अपने इस साहसिक निर्णय के पीछे के विचारों को साझा करते हुए शीला प्रधान ने कहा कि जीवन केवल अपने निजी दायरे तक सीमित रहने का नाम नहीं है, बल्कि इसकी असली सार्थकता दूसरों के जीवन को संवारने में है। एक एकल महिला के रूप में उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह से समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया है।


उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मेरे जाने के बाद यदि मेरा शरीर चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई, शोध कार्य या किसी जरूरतमंद की भलाई के काम आ सके, तो इससे बढ़कर मेरे लिए और क्या सौभाग्य होगा। मृत्यु के बाद भी परोपकार जारी रहना ही मेरे लिए वास्तविक मोक्ष है।"


प्रशासन और समाज ने की मुक्तकंठ से सराहना -

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शीला प्रधान के इस दूरदर्शी और परोपकारी कदम की पुरजोर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संकल्प इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति भौतिक जीवन के समाप्त होने के बाद भी अपनी सोच और समर्पण से समाज के लिए उपयोगी बना रह सकता है।


इस अनूठी पहल से न केवल विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और परिजनों में गर्व का भाव है, बल्कि यह आम नागरिकों के बीच भी देहदान जैसी महादान परंपरा को अपनाने की एक मजबूत अलख जगा रहा है।

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