उफनाए नदी-नाले, 700 से अधिक लोगों का रेस्क्यू.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
दुर्ग: पिछले 48 घंटों (24 और 25 सितंबर) के दौरान हुई झमाझम बारिश ने दुर्ग जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते दुर्ग नगर निगम, भिलाई और 13 ग्रामीण इलाकों के करीब 200 घरों में पानी भर गया है। हालात को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय प्रशासन और पार्षदों की मदद से 764 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए प्रशासन ने पंचायत भवन, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों को मिलाकर कुल 16 अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं, जहाँ सभी के लिए भोजन, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दुर्ग तहसील में 268 लोगों को मिला आश्रय -
दुर्ग तहसील के 52 परिवारों (268 लोग) को 5 शिविरों में ठहराया गया है। निगम क्षेत्र के पुलगांव (वार्ड 55) से 48 लोगों और भिलाई (वार्ड 41) से 30 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। वहीं, ग्रामीण इलाकों में डांडेसरा, मालूद और भरदा के ईंट भट्ठा क्षेत्र से भारी संख्या में लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अकेले भरदा से 35 घरों के 210 लोगों को निकालकर प्राथमिक शाला में ठहराया गया है।
पाटन क्षेत्र में एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा -
पाटन तहसील के 7 गांवों में भी जलभराव के हालात हैं। यहां 117 परिवारों के 345 लोगों को 5 राहत शिविरों में रखा गया है। बोथली, पाहंदा और खुड़मुड़ा में एसडीआरएफ ने नाव की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। जामराव के 147 और केसरा के 135 ग्रामीणों को पंचायत भवन, शाला भवन और उनके रिश्तेदारों के यहाँ सुरक्षित पहुँचाया गया। इसी तरह रिवागहन और किकिरमेता से भी प्रभावितों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
शिवनाथ नदी के तट पर फंसे लोग, कुम्हारी में 14 घर डूबे -
अहिवारा तहसील के अकोला (पुरानी बस्ती) से 46 लोगों को सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट किया गया है। बोरी तहसील के दनिया गांव में शिवनाथ नदी के तट पर जल संसाधन विभाग के पंप हाउस के पास फंसे एक दंपती को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला। दूसरी ओर, भिलाई-3 के कुम्हारी क्षेत्र (परसदा) में 14 घर जलमग्न हो जाने के बाद 73 लोगों को नाव के जरिये रेस्क्यू कर ब्रह्मलोक आश्रम, कर्मा भवन और अन्य राहत शिविरों में रुकवाया गया है।
कलेक्टर और एसपी ने रात भर रखी नजर, नदी किनारों से दूर रहने की अपील -
पूरे इलाके के लबालब होने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पूरी प्रशासनिक टीम रात-दिन मुस्तैद रही। शनिवार 26 सितंबर की सुबह कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों और शिवनाथ नदी का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
शनिवार सुबह शिवनाथ नदी पर स्थित महमरा एनीकट के ऊपर से पानी करीब 8 फीट ऊपर बह रहा था, जो कुछ ही घंटों में साढ़े बारह फीट को पार कर गया। उफनती नदी को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे प्रशासन और पुलिस ने तत्काल हटाया। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे एनीकट और नदी के किनारों पर बिल्कुल न जाएं और संवेदनशील बाढ़ वाले इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।






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