उमरिया में बारिश का कहर, फिर भी मानपुर क्षेत्र के कई गांव सूखे की कगार पर....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
उमरिया हल्की बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बरकरार, धान की फसल पर मंडराया संकट उमरिया जिले में एक ओर बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर मानपुर तहसील के तीनों राजस्व मण्डल चिल्हारी, अमरपुर, इंदवार, चंसुरा, चंदवार, पड़वार, पनपथा बकेली, अमरपुर, झाल, झलवार, पड़खुड़ी, भोलगढ़, बरछड़ सहित आसपास के सभी कई गांवों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इन क्षेत्रों में हो रही हल्की बूंदाबांदी किसानों के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। खेतों में धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। खासकर वे किसान अधिक परेशान हैं, जिनके पास सिंचाई के कोई निजी साधन उपलब्ध नहीं हैं। वहीं जिन किसानों के पास कुआं और ट्यूबवेल जैसे सिंचाई के साधन हैं, उनके जलस्रोत भी लगातार कम होते जा रहे हैं। ऐसे में किसानों के सामने फसल को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
किसानों का कहना है कि जिले के कुछ हिस्सों में जहां बारिश का कहर दिखाई दे रहा है, वहीं मानपुर क्षेत्र के कई गांव आज भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। धान की फसल के लिए इस समय पर्याप्त पानी बेहद जरूरी है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को फसल में नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से क्षेत्र में बारिश की स्थिति और फसलों का सर्वे कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर किसानों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। किसान नन्दलालने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की फसल को लेकर चिंता बनी हुई है। खेतों में पानी की कमी है और जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं हैं, उनके लिए फसल बचाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसान नेता श्रीकांत निगम ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध थे, उन्होंने किसी तरह धान की नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है, उनकी धान की नर्सरी तक तैयार नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी घर की जमा पूंजी भी कृषि कार्य में लगा चुके हैं। पूरा क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, ऐसे में बारिश की कमी से किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन को क्षेत्र में फसलों की स्थिति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।






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