केपी ग्राउंड में जलभराव के कारण रद्द हुआ राहुल गांधी का कार्यक्रम....
- ANIS LALA DANI

- 12 hours ago
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ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
नई दिल्ली/प्रयागराज: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद की कार्यवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं और सदन में बहस से बच रहे हैं। भाजपा ने इसे ‘छोटी राजनीति’ करार दिया। भौगोलिक संदर्भ यह विवाद तब शुरू हुआ जब कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी। कांग्रेस नेता का यह कार्यक्रम 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित होना था। ट्रस्ट ने अनुमति रद्द करने के पीछे इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश और कार्यक्रम स्थल पर जलभराव की स्थिति का हवाला दिया।
भाजपा ने इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि विपक्ष के नेता को संसद जैसे महत्वपूर्ण मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन वह इससे बच रहे हैं और बाहर के कार्यक्रमों के जरिए राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा की ओर से कहा गया कि संसद लोकतांत्रिक बहस का सबसे बड़ा मंच है, जहां देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय राजनीतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी लगातार जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं और छात्रों, युवाओं तथा आम लोगों से संवाद करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की योजना छात्रों और युवाओं से संवाद करने की थी। पार्टी के अनुसार, इस कार्यक्रम के जरिए शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी थी।
कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने कार्यक्रम की अनुमति रद्द करते हुए कहा कि स्थल से जुड़े न्यायालय के निर्देशों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया। बताया गया कि भारी बारिश के कारण केपी ग्राउंड में जलभराव हो गया था, जिससे कार्यक्रम आयोजित करना मुश्किल था। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। भाजपा ने इसे राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति से जोड़ते हुए कहा कि वह संसद में बहस से बच रहे हैं। वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, संसद सत्र के दौरान नेताओं के कार्यक्रमों और सदन में उनकी मौजूदगी को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही एक-दूसरे पर संसदीय जिम्मेदारियों से बचने के आरोप लगाते रहे हैं। राहुल गांधी हाल के समय में युवाओं, छात्रों और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संवाद कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम जनता से सीधे जुड़ने का माध्यम हैं। दूसरी ओर, भाजपा लगातार राहुल गांधी पर संसद में सक्रिय भूमिका नहीं निभाने का आरोप लगा रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेता का पद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला होता है और उनसे सदन में सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की जाती है। प्रयागराज में कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बाद अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां भाजपा इसे राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाने का अवसर बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे प्रशासनिक और परिस्थितिजन्य कारणों से जुड़ा मामला बता रही है। फिलहाल, राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द हो गया है, लेकिन इसके बहाने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।




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