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छत्तीसगढ़ में वीआईपी सुरक्षा पर उठे सवाल: 150 करोड़ का खर्च और बस्तर में घटाई जा सकती है नेताओं की सुरक्षा...

1 day ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

छत्तीसगढ़ में राजनेताओं और विशिष्ट लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खर्च सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश में करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में 1550 से अधिक जवान और 500 गाड़ियां तैनात हैं, जिस पर सालाना लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। दूसरी तरफ, पुलिस विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। इन हालातों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बस्तर संभाग के 116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों की समीक्षा और उनमें बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


400 नेताओं पर सालाना 150 करोड़ का खर्च -

सामने आई जानकारी के मुताबिक, राज्य के लगभग 400 विशिष्ट लोगों और राजनीतिक हस्तियों की सुरक्षा में भारी अमला लगा हुआ है। इनमें अकेले बस्तर संभाग के 250 से ज्यादा नेता शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा में 1000 से अधिक जवान तैनात हैं। इन व्यवस्थाओं और जवानों के वेतन पर हर साल करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, पुलिस महकमे में रिक्त पदों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।


116 नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव की तैयारी -

माओवादी गतिविधियों में कमी को देखते हुए सरकार ने बस्तर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया है। इसके तहत केदार कश्यप, दीपक बैज, महेश गागड़ा और कवासी लखमा जैसे बड़े नेताओं सहित 116 जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा श्रेणी में कटौती का प्रस्ताव है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, जेड प्लस को जेड और जेड श्रेणी को वाई प्लस में बदला जा सकता है। हालांकि, मुख्य विपक्षी दल ने इस फैसले पर सावधानी बरतने की सलाह दी है और कहा है कि अंदरूनी इलाकों के खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।


क्या थानों को मिलेंगे अतिरिक्त जवान ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीआईपी सुरक्षा में तैनात बल को कम किया जाता है, तो इन जवानों को थानों, यातायात नियंत्रण और अपराध जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया जा सकता है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा में कटौती केवल वास्तविक खतरे के आकलन और गृह विभाग के अंतिम आदेश के आधार पर ही चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

 
 
 

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