वकील के साथ मिलकर धोखे से खरीदी जमीन,कलेक्टर कोर्ट और तहसीलदार के भी फर्जी दस्तावेज बनाकर हेराफेरी..

जमीनों की हेराफेरी करने वालों ने अब तो हद कर दी है। कलेक्टर न्यायालय और तहसीलदार के नाम से भी फर्जी आदेश तैयार कर दिए। सील, साइन सबकुछ खुद ही कर दिए। इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी। जिस व्यक्ति को जमीन बेचने की सशर्त अनुमति मिली थी, उसके बजाय किसी और के नाम रजिस्ट्री हो गई। एसपी और खरसिया पुलिस चौकी में शिकायत की गई है लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
मामला शासकीय आवंटन की जमीन का है जिसे बिना कलेक्टर की अनुमति के नहीं बेचा जा सकता। जमीन को जिसे बेचने की अनुमति दी गई थी उसके बजाय किसी और के नाम रजिस्ट्री कर दी गई। इसके लिए कलेक्टर कोर्ट और तहसीलदार का फर्जी आदेश बना लिया गया। श्रवण कुमार चौहान, लक्ष्मीन चौहान, सहोद्रा चौहान और शांतिबाई ने टेमटेमा में अपनी शासकीय आवंटन की भूमि खसरा नंबर 26/4 रकबा 0.162 हे. को विक्रय करने 2014 में अनुमति मांगी, लेकिन कलेक्टर ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद भूमिस्वामी ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की लेकिन वहां भी आवेदन खारिज हो गया। तब राजस्व मंडल बिलासपुर में अपील की गई।






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