लाखों की खरीदी कर ली बिना टेंडर के , जांच टीम ने बचाया क्रेडा अफसर को...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
क्रेडा ने सामग्री क्रय के मामले में नियमों को किनारे कर दिया। अनुमति सीमा से अधिक की खरीदी सीधे वेंडर से कर ली गई। रायपुर और रायगढ़ के कई वेंडरों को एक ही तारीख पर कई क्रय आदेश दिए गए। टेंडर के बिना चहेते फर्मों को सप्लाई ऑर्डर दिया गया। हैरानी की बात है कि जांच के आदेश होने पर जांच टीम ने तथ्यों को घुमा दिया ताकि क्रेडा अफसर बच जाएं। मामला 2013 से 2021 के बीच की गई सामग्री क्रय का है। रायगढ़ निवासी बजरंग अग्रवाल ने इसकी शिकायत 2021 में कलेक्टर से की थी। उनका आरोप था कि छग राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के रायगढ़ कार्यालय में नियम विरुद्ध सामग्री क्रय की गई है।
नियम है कि अधीक्षण अभियंताओं को उपकरणों और फर्नीचर आदि क्रय करने के लिए एक बार में अधिकतम दस हजार रुपए और कुल एक लाख रुपए नकद खरीदी की सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन तत्कालीन ईई डमरुधर सिदार तथा अन्य अफसरों ने इस सीमा से अधिक राशि की सामग्री सीधे क्रय की। बिना टेंडर लगाए चहेते फर्मों को क्रय आदेश जारी किए गए। क्रेडा के कार्यपालन अभियंताओं ने जानबूझकर टेंडर नहीं लगाया ताकि परिचित फर्मों को आदेश जारी किया जा सके। इसकी जांच के लिए कलेक्टर ने चार अधिकारियों की टीम बनाई थी।
जांच टीम ने रिपोर्ट में सामग्री खरीदी की पुष्टि की लेकिन तथ्यों को घुमा दिया ताकि क्रेडा ईई को बचाया जा सके। जांच टीम ने वर्ष 13-14 से 20-21 तक आठ वर्षों में की गई खरीदी की जांच की। इस दौरान क्रेडा रायगढ़ कार्यालय से 45.95 लाख की सामग्री क्रय की गई। इसके लिए कोई टेंडर नहीं निकाली गई थी। रायपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर और रायगढ़ के वेंडरों से सीधी खरीदी की गई। इसके बाद भी जांच टीम ने कहा कि कोई आर्थिक अनियमितता नहीं है।






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