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पुलिस वेलफेयर बैंक अपने कर्मचारी-अधिकारियों को अब 4 लाख तक लोन दे रहा है..........

Jul 23, 2023
2 min read












बैंकों से पुलिस विभाग वालों को लोन नहीं मिलता है। किसी के बेटे-बेटी की शादी हो, मकान बनाना हो, बच्चों की शिक्षा के लिए हो, बीमारी हो या फिर घरेलू काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था। सूदखोरों से पैसा लेते थे। इससे मुक्ति दिलाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने एक बड़ी व्यवस्था बनाई है। यहां पुलिस वेलफेयर ने अपना बैंक खोला है। इसमें वर्तमान में 1138 सदस्य है जो हर माह इस बैंक में 500-500 रुपए डिपोजिट करते हैं। यह उनके सैलरी से कटकर ही जमा हो जाते हैं। ब्याज भी घटते क्रम में देना पड़ता है।

पुलिस वेलफेयर बैंक अपने कर्मचारी-अधिकारियों को अब 4 लाख तक लोन दे रहा है। शादी, पढ़ाई, इलाज, घर बनाने सहित अन्य जरूरत के लिए अब तक 532 लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। एसपी से लेकर कांस्टेबल तक 1139 लोग बैंक के शेयर होल्डर हैं। सभी 500 रुपए हर माह इसमें डिपाॅजिट करते हैं और इसका उन्हें 8 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाता है। बाद में जिसे जरूरत होती है वह लोन ले लेता था। यह बैंक 2000 से संचालित है। पहले यहां से केवल 2 लाख रुपए लोन लेने की सुविधा थी पर इसे बढ़ाकर 4 लाख रुपए कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मेडिकल इमरजेंसी में यह रकम तत्काल दी जाती है। प्रदेश का पहला जिला जहां कम ब्याज दर पर अपने विभाग के लोगों को अधिक पैसे देने की व्यवस्था है। पुलिस विभाग ने आर्थिक मदद के लिए इसकी शुरुआत की है। प्रक्रिया के जरिए बैंक से 532 लोगों को लोन बांट चुका है। यह बैंक एक तरह की समिति है, जिसमें अंश धारकों ( शेयर होल्डर्स) की जमा पूंजी को लोन के तौर पर जरूरतमंद जवानों को दिया जाता है। अब तक इसमें 1338 शेयर होल्डर हैं। इन्होंने 1 करोड़ 26 लाख जमा कर लिए हैं। लोन की राशि समिति सदस्य जवानों की जरूरतों को ध्यान में रख कर तय करते हैं। रकम वापसी के लिए किस्तों की सुविधा दी जाती है।

 
 
 

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