पोला पर्व: बाजारों में मिट्टी के बैल व खिलौनों के दाम बढ़े....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
राजनांदगांव:- छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पोला पर्व को लेकर बाजार सजने लगे हैं। 11 सितंबर को मनाए जाने वाले पोला पर्व के लिए राजनांदगांव में मिट्टी के बैल और खिलौनों की दुकानें लग गई हैं। इस बार इन खिलौनों पर भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। पोला पर्व पर मिट्टी के नंदी बैल और खिलौनों की पूजा की जाती है। बाजार में रंगीन खिलौनों की मांग सबसे ज्यादा है। दुकानदारों के मुताबिक, पहले जो मिट्टी के खिलौने करीब 10 रुपये में मिल जाते थे, उनकी कीमत अब 40 से 50 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं 30-40 रुपये में मिलने वाली नंदी बैल की जोड़ी अब 70 से 100 रुपये तक बिक रही है। पिछले कुछ सालों में मिट्टी के खिलौनों को अलग-अलग रंगों से सजाने का चलन बढ़ा है। पहले खिलौनों पर गेरू रंग का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब कई तरह के रंगों से इन्हें आकर्षक बनाया जाता है। रंग और दूसरी सामग्री महंगी होने से खिलौनों की लागत भी बढ़ गई है। मिट्टी के खिलौने बेचने वाली प्रीति मेश्राम ने बताया कि रंगीन खिलौनों की मांग ज्यादा रहती है। बिना रंग वाली बैल जोड़ी करीब 70 रुपये में बिक रही है, जबकि रंगीन बैल जोड़ी की कीमत 150 रुपये है। उन्होंने बताया कि बढ़ती लागत के कारण मुनाफा निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
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