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PMOS होने पर गर्भधारण में आती है दिक्कत, लेकिन इलाज से मिल सकती है सफलता....

Sep 12
4 min read
  • पीएमओएस (PMOS) जागरूकता महीना....

















  • क्या PMOS होने के बावजूद भी महिलाएँ गर्भवती हो सकती हैं ? महिलाओं को क्या जानना चाहिए.....

  • डॉ. रिचा चौबे, कंसल्टेंट, ऑब्स्ट्रेट्रिक्स, एवं गायनोकोलॉजी, एमएमआई नारायणा मल्ट्रीस्पेशलिटी अस्पताल, रायपुर.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

PMOS (जिसे पहले PCOS के नाम से जाना जाता था) जागरूकता महीना, महिलाओं से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करता है, और उन्हें उजागर करता है। पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) एक हार्मोनल स्थिति है जो महिलाओं में फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) से जुड़ी समस्याएं, मेटाबोलिक बदलाव, वज़न बढ़ना और बाल झड़ने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। जो महिलाएं माँ बनना चाहती हैं, उनके लिए यह गर्भधारण को मुश्किल बना सकता है।


इस समस्या का स्तर जितना कई लोग समझते हैं, उससे कहीं ज़्यादा बड़ा है। साल 2018 और 2022 के बीच की गई JAMA नेटवर्क ओपन में प्रकाशितु ICMR-PCOS स्टुडी में पूरे भारत में लगभग 10,000 महिलाओं की जांच की गई। इसमें पाया गया कि प्रजनन आयु (18-40 वर्ष) की हर पांच में से एक महिला PCOS से पीड़ित है, इस स्टडी का राष्ट्रीय दर 19.6 प्रतिशत था। स्टडी में इस स्थिर्ता से जुड़े गंभीर मेटाबोलिक जोखिमों की ओर भी इशारा किया गयाः जिन महिलाओं में इसकी पहचान हुई, उनमें से 91.9 प्रतिशत में ब्लड फैट का स्तर असामान्य था, 43.2 प्रतिशत मोटापे से ग्रस्त थीं, और लगभग हर चार में से एक महिला मेटाबोलिक सिंड्रोम के मानदंडों को पूरा करती थी।


पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम (PMOS) क्या है ?

PMOS, जिसे पहले PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के नाम से जाना जाता था, हार्मोनल असंतुलन पैदा करने वाली एक स्थिति है जो ओवरी (अंडाशय) में होती है। इस स्थिति के कारण हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। PMOS से पीड़ित महिलाओं में मासिक धर्म चक्र अनियमित होता है, मासिक धर्म छूट जाता है और ओव्यूलेशन (अंडे का बनना और निकलना) का समय निश्चित नहीं होता, भले ही उनकी ओवरी में सिस्ट हो या न हों। यह स्थिति महिलाओं में बांझपन के मुख्य कारणों में से एक है।


PMOS गर्भावस्था को कैसे प्रभावित करता है -

PMOS पिट्यूटरी ग्रंथि को भेजे जाने वाले संकेतों को बाधित करता है; यह ग्रंथि ओवरी को अंडे विकसित करने का निर्देश देने के लिए ज़िम्मेदार होती है। जब अंडे नहीं बनते, तो ओव्यूलेशन नहीं होता है। गर्भावस्था के ल िए ओव्यूलेशन ज़रूरी है। हालांकि आपको लग सकता है कि पीरियड आने का मतलब है कि ओव्यूलेशन हुआ है, लेकिन ऐसा हमेशा सच नहीं होता है।


क्या PMOS वाली महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं ?

हालांकि PMOS वाली महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं, लेकिन उन्हें कुछ अतिरिक्त कदम उठाने या मेडिकल सहायता लेने की ज़रूरत होती है, चाहे वह जीवनशैली में बदलाव, खान-पान में सुधार या फर्टिलिटी प्रक्रियाओं के ज़रिए हो। यहाँ कुछ तरीके बताए गए हैं जिनसे PMOS वाली महिलाओं का इलाज किया जाता है जो गर्भवती होना चाहती हैं |


वजन कम करनाः 'ओबेसिटी मैने जमेंट' (PMC/NIH) में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, PMOS/PCOS वाली 50 से 80 प्रतिशत महिलाएँ मोटापे से पीड़ित हैं। धीरे-धीरे वजन कम करना ज़रूरी है, और आमतौर पर, छह महीनों में पांच से 10 प्रतिशत वजन कम करने से भी ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) को फिर से शुरू करने म मदद मिल सकती है।


मुमौखि दवाः जहाँ लेट्रोज़ोल (Letrozole) जैसी दवाएं हार्मोन के स्तर को नियंत्रित कर सकती हैं, वहीं क्लोमीफीन (Clomid) और लेट्रोज़ोल (Femara) ओव्यूलेशन को बढ़ावा दे सकती हैं। चूंकि दोनों दवाओं के साइड इफेक्ट हो सकते हैं जैसे हॉट फ्लैशेस (अचानक गर्मी लगना) (क्लोमीफीन के साथ ज़्यादा आम), चक्कर आना और थकान (लेट्रो ज़ोल के साथ ज़्यादा आम), इसलिए दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।


मेटफॉर्मिन (Metformin) जैसी दवाओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से इंसुलिन रेजिस्टेंस को नियंत्रित करने के लगिए किया जाता है, लेकिन इनका इस्तेमाल PMOS के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। क्लोमीफीन जैसी दवाओं के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने पर यह बेहतर ओव्यूलेशन को बढ़ावा देती है।


असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART): - ART एक गर्भधारण में मदद करने वाली प्रक्रिया है जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव न होने पर गर्भवती होने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल तब भी किया जा सकता है जब माता-पिता अपनी आनुवंशिक बीमारी (जेनेटिक कंडीशन) को बच्चे में नहीं जाने देना चाहते। इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF), डोनर स्पर्म/डोनर एग, एम्ब्रियो / एग फ्रीज़िंग, जेस्ट्रेशन सरोगेसी और इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI), ART के कुछ प्रकार हैं। IVF में, गर्भधारण शरीर के बाहर यानी प्रयोगशाला की डिश में होता है। डोनर स्पर्म/एग प्रजनन कोशिकाएं होती हैं जो किसी जोड़े को बच्चा पैदा करने में मदद करने को लिए तीसरे पक्ष के डोनर द्वारा प्रदान की जाती हैं। जेस्ट्रेशन सरोगेसी एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक सरोगेट (दूसरी महिला) जोड़े की प्रजनन कोशिकाओं का उपयोग करके प्रयोगशाला में बनाए गए भ्रूण (एम्ब्रियो) का उपयोग करके बच्चे को गर्भमें रखती है और उसे जन्म देती है। ICSI एक विशेष उपचार है जिसमें स्पर्म को सीधे अंडे के केंद्र में इंजेक्ट किया जाता है।


PMOS जीवन भर रहने वाली स्थिति है और गर्भावस्था से यह स्थिति ठीक नहीं होती है। इसलिए गर्भावस्था से पहले और बाद में डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव का पालन किया जाना चाहिए। सही वजन बनाए रखना, ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित करना, पौष्टिक भोजन करना और रोज़ाना कसरत करने से PMOS को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने और स्वस्थ गर्भावस्था की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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