इंसान नहीं बल्कि बैल को पकड़कर थाना पहुंचे लोग...जानें पूरा मामला !

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
धमतरी :- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां लोग किसी इंसान नहीं बल्कि एक बैल को पकड़कर कोतवाली थाना पहुंच गए। इतना ही नहीं, लोगों ने पुलिस से बैल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उसे गिरफ्तार करने की मांग भी कर दी। बैल को लेकर थाने पहुंचे लोगों को देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। यह पूरा मामला शहर में लंबे समय से चली आ रही आवारा मवेशियों की समस्या से जुड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया, जिसके बाद उन्होंने खुद ही कार्रवाई करने का फैसला लिया।
जानकारी के अनुसार, धमतरी शहर के सुंदरगंज वार्ड में पिछले कई दिनों से एक बेकाबू बैल लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बैल कई लोगों पर हमला कर चुका है। बताया जा रहा है कि बैल के हमले में अब तक तीन लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद लोगों में डर का माहौल बना हुआ था और वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बैल ने धमतरी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गौतम वाधवानी के घर में भी उत्पात मचाया था। इस दौरान उनके पिता घायल हो गए थे। इस घटना के बाद वार्डवासियों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों का कहना था कि बार-बार शिकायत के बाद भी आवारा मवेशियों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परेशान वार्ड के लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने मिलकर उस बैल को पकड़ा और रस्सी से बांध दिया। इसके बाद लोग बैल को वाहन में भरकर सीधे कोतवाली थाना पहुंच गए। थाने पहुंचकर उन्होंने पुलिस से मांग की कि बैल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए।
बैल को लेकर बड़ी संख्या में लोगों के थाने पहुंचने का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए। लोगों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि आवारा बैल के कारण लोगों की सुरक्षा खतरे में है और अब इस पर कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने लोगों को समझाइश दी कि आवारा मवेशियों से जुड़े मामलों में नगर निगम प्रशासन कार्रवाई करता है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को शिकायत करना उचित प्रक्रिया है।
पुलिस की समझाइश के बाद वार्डवासियों ने बैल को अपने वाहन से कांजी हाउस पहुंचा दिया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल इस मामले में नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। यह घटना एक बार फिर शहरों में आवारा पशुओं की समस्या और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।







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