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ज्ञानवापी मामले पर हिंदू पक्ष की अपील पर मुस्लिम पक्ष ने बातचीत का भरोसा दिया...

Aug 18, 2023
2 min read































































अदालत के बाहर मामला सुलझाने का प्रयास वाराणसी के ज्ञानवापी मामले पर पूरे देश की नजरें ठिकी हुई हैं, क्योंकि एएसआई का जो सर्वे चल रहा है, इससे क्या सच सामने आता है, इसका सभी को इंतजार है। इस बीच, इसके प्रयास भी शुरू हुए हैं, कि इस मुद्दे को अदालत से बाहर सुलझा लिया जाए। यह प्रयास अच्छा है लेकिन सवाल यह है कि हर मामले में बढ़ती राजनीतिक दखलंदाजी के चलते क्या आम सहमति से कोई निर्णय निकल पाएगा? वैसे दोनों समुदाय यदि मिलकर कोई हल निकाल लें, तब इससे साम्प्रदायिक सौहार्द्र तब बढ़ेगा ही साथ ही एक बढ़िया मिसाल भी कायम होगी।


बात दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ज्ञानवापी को मस्जिद कहने पर विवाद होगा। उन्होंने कहा कि जिसके पास भी दृष्टि है वह देख सकता है कि वहां क्या था। योगी ने कहा था कि अगर वहां मंदिर नहीं है, तब त्रिशूल कहां से आ गया। योगी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मंदिर की दीवारें चीख चीख कर जो कह रही हैं, उस सुना जाना चाहिए। योगी ने कहा था कि मुझे लगता है कि मुस्लिम समाज की ओर से ही प्रस्ताव आना चाहिए कि जो ऐतिहासिक गलती हुई है, उस गलती को सुधारा जाए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद हिंदू पक्ष ने मुस्लिम पक्ष से बातचीत के द्वारा मुद्दे को सुलझाने की अपील की। खास बात यह है |


कि मुस्लिम पक्ष ने भी अदालत के बाहर बातचीत से झगड़ा खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार करने का भरोसा दिया है। बताया जा रहा है हिंदू पक्ष वैदिक सनातन संघ के प्रस्ताव को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की मीटिंग में रखा जाएगा जहां इस पर फैसला होगा।बता दें कि ज्ञानवापी परिसर की देखरेख करने का जिम्मा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के पास है। कमेटी के जनरल सेक्रेटरी और शहर मुफ्तीअब्दुल बातिन नोमानी ने बताया कि हमें उनका प्रस्ताव मिला है। जब भी कमेटी की अगली बैठक होगी तब हम उसमें यह प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी बैठक के लिए कोई तारीख तय नहीं हुई है।


वहीं वैदिक सनातन संघ के संस्थापक जीतेन्द्र सिंह बिसेन, संतोष कुमार सिंह और राखी सिंह की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया है। इन्हीं लोगों की ओर से वाराणसी जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ज्ञानवापी मामले में कई केस दाखिल किए गए हैं। राखी सिंह ने ही ज्ञानवापी परिसर में श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की भी मांग की है।

 
 
 

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