पुरानी पेंशन योजना बनी मोदी सरकार की गले की हड्डी....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
चुनाव से पहले कर्मचारियों के आंदोलन ने उड़ाई भाजपा की नींद नई दिल्ली , मध्यप्रदेश सहित देश के पांच राज्यों के विधानसभा और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों के पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली को लेकर दिल्ली में हुए आंदोलन और शक्ति प्रदर्शन ने मोदी सरकार को चिंता में डाल दिया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए इस आंदोलन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए लाखों कर्मचारी इकट्ठा हुए और उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की मांग की। कर्मचारियों इस आंदोलन में इतनी भीड़ थी कि, उसने जेपी और अन्ना हजारे के आंदोलन में जुटी भीड़ के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा मोदी सरकार के लिए गले की हड्डी बनता दिखाई दे रहा है।
हम बता दें कि, इसी साल के अंत में म़ध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा और अगले 2024 लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम के नेता विजय कुमार बंधु कहते हैं कि, आंदोलन में जुटे लाखों कर्मचारियों का आक्रोश बता रहा कि, मोदी सरकार और भाजपा को आने वाले दिनों में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों के गुस्से का नुक़सान उठाना पड़ सकता है। यही नहीं सीधे-सीधे कर्मचारी परिवारों के पांच करोड़ वोटों का नुक़सान हो सकता है।राजनीतिक विज्ञानियों का कहना है कि, हिमाचल चुनाव में पुरानी पेंशन योजना बहाली बड़ा मुद्दा बना था, और भाजपा को मुश्किल का सामना करना पड़ा था। इसलिए कह सकते हैं कि, आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों का पेंशन का मामला बड़ा मुद्दा बन सकता है।
क्या है पुरानी पेंशन योजना
पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय कर्मचारी के अंतिम वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है। पुरानी स्कीम में पेंशन कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई के आंकड़ों से तय की जाती है।-पुरानी पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के वेतन से पैसा नहीं काटा जाता। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को दी जाने वाली पेंशन का भुगतान सरकार की ट्रेजरी के माध्यम से होता है। इसके अतिरिक्त इस पेंशन स्कीम में 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी की रकम मिलती है। रिटायर्ड कर्मचारी की मृत्यु होने पर पेंशन का पैसा उसके परिजनों को मिलने लगता है।-पुरानी पेंशन स्कीम में हर 6 महीने बाद कर्मचारियों को डीए डीए दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा जब-जब सरकार वेतन आयोग का गठन करती है, पेंशन भी रिवाइज हो जाती है।






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