अधिकारीयों ने कहा - अमरनाथ यात्रा के दौरान होने वाली मृत्यु का कारण ये, 24 मौत के साथ ये है आकड़ा

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:- भारत देश के दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित लगभग 3,888 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर (अमरनाथ गुफा) की 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा इस वर्ष 1 जुलाई से अनंतनाग जिले के पहलगाम और गांदरबल जिले के बालटाल से शुरू हुई। ये यात्रा आगामी 31 अगस्त को समाप्त होने वाली है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए पहुँचते है, मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक लगभग 1,62,569 (1.62 लाख) तीर्थयात्रीयों ने अमरनाथ के प्राकृतिक बर्फ से निर्मित होने वाले सुन्दर शिवलिंग की झलक पाने के लिए गुफा मंदिर का दौरा कर चुके हैं।
वर्त्तमान में अमरनाथ यात्रा के लिए दो रास्ते हैं, जिसमे पहला रास्ता पहलगाम से शुरू होता है, जो तकरीबन 46-48 किलोमीटर लंबा है और इस रास्ते से यात्रा करने पर 5 दिन का समय लगता है। वहीं दूसरा रास्ता बालटाल से शुरू होता है, जहां से गुफा की दूरी 14-16 किलोमीटर है। इस भक्ति भाव के लम्बे सफ़र में कहीं कहीं छोटी मोटी दुर्घटनाएँ होती रहती है, हमे मिली एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 36 घंटों (13 जुलाई) में पांच अमरनाथ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जिससे दक्षिण कश्मीर हिमालय में इस वर्ष की यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या 24 हो गई है। गुरुवार सुबह से मरने वाले पांच पीड़ितों में एक साधु भी शामिल है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ज्यादातर तीर्थयात्रियों की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई है। उन्होंने बताया कि पहलगाम मार्ग पर यात्रा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बालटाल मार्ग पर एक व्यक्ति की मौत हो गई। तीर्थयात्री उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात के थे। इन पांच मौतों से यात्रा के दौरान इस साल मरने वालों की संख्या 24 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ितों में यात्रा ड्यूटी पर तैनात एक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अधिकारी, एक साधु और एक सेवादार शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान होने वाली मृत्यु के आम कारणों में से एक ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन कंसंट्रेशन के कारण हृदय गति रुकना माना जाता है।






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