साइबर इंश्योरेंस ठगी का नया तरीका....

साइबर अपराध की वारदात लगातार बढ़ रही है। साइबर ठगी करने वाले रोजाना नए-नए तरीके बदलकर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। साइबर अपराध के प्रति लोग जागरूक तो हुए हैं, बावजूद लोग अब भी ठगों का शिकार हो रहे हैं। लोगों के मन में सवाल आते हैं कि साइबर ठगी से कैसे बचा जाए।
वह किन-किन बातों का ध्यान रखें आदि सवालों के जवाब देने के लिए शुक्रवार को नोएडा के कार्यालय में परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव मौजूद रहीं। पेश हैं लोगों के सवाल और जवाब। साइबर ठगी की घटना होने पर पीड़ित को तत्काल 1930 पर काल करके अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर भी शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संबंधित के खाते में धनराशि को फ्रीज कराया जा सके। शिकायत करने में देरी होने पर नुकसान अधिक होता है। साइबर इंश्योरेंस नामक कोई व्यवस्था नहीं है।
यह साइबर ठगों की एक चाल है। कोई भी व्यक्ति इनके चक्कर में न आएं। साइबर ठग साइबर इंश्योरेंस के नाम पर आपके बैंक खातों की डिटेल लेंगे और बैंक खाते खाली कर देंगे। इस तरह के मैसेज आने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराएं। जब भी आप अपने दस्तावेज किसी संस्था में लगाते हैं तो उस कापी पर लिखें कि इसका उपयोग सिर्फ इस कार्य के लिए किया जाए। उसके बाद उस संस्था से दस्तावेज चोरी होने पर भी उसका दुरुपयोग नहीं होगा। यदि आपके पैन कार्ड पर फर्जी क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है तो इसकी शिकायत संबंधित कोतवाली में अवश्य कराएं।






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