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खैरागढ़ में 2 महीने बाद भी नहीं मिलीं नई पाठ्यपुस्तकें.....

Aug 20
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और इग्नाइट शालाओं में बेहतर शिक्षा देने के दावों के बीच खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन इग्नाइट शालाओं में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अब तक नई पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। बच्चे पुरानी और कई जगह फटी किताबों के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शिक्षकों के मुताबिक पहली से सातवीं तक के विद्यार्थियों को पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है। कई किताबें खराब हो चुकी हैं। छोटे बच्चों को पुरानी किताबों में लिखे पाठ को मिटाकर दोबारा इस्तेमाल करना पड़ रहा है। वहीं आठवीं कक्षा का पाठ्यक्रम पिछले वर्ष से बदल चुका है, लेकिन नए सिलेबस की किताबें भी अब तक उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों का कहना है कि पिछले साल भी पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई और परीक्षा कराई गई थी। इस वर्ष भी किताबें नहीं मिलने के कारण शिक्षक अपने स्तर पर पुस्तकें जुटाकर बच्चों को पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अब अगले महीने त्रैमासिक परीक्षा प्रस्तावित है। ऐसे में पाठ्यक्रम की किताबें नहीं मिलने से बच्चों की तैयारी प्रभावित होने और परीक्षा परिणाम पर असर पड़ने की आशंका है। सवाल उठ रहा है कि जब इग्नाइट शालाओं में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था लागू करने की बात कही जा रही है, तो बच्चों को उनकी पाठ्यपुस्तकों के लिए दो महीने तक इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव ने बताया कि प्रदेश की इग्नाइट शालाओं में शासन स्तर से अब तक किताबों का आबंटन नहीं हुआ है। फिलहाल शिक्षकों को पुरानी किताबों से पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से किताबें मिलते ही उनका वितरण विद्यार्थियों को कर दिया जाएगा।

#खैरागढ़ #छुईखदान #सरकारी स्कूल #पुरानी किताब #ब्रेकिंगADNन्यूज़

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