नारायण त्रिपाठी कर सकते हैं कांग्रेस में वापसी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
चुनाव से पहले तीसरी बार बदलेंगे पार्टी...
भोपाल, सतना जिले की मैहर सीट से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी की कांग्रेस में वापसी हो सकती है। लंबे समय से बीजेपी से खफा चल रहे नारायण की सीट पर भाजपा ने श्रीकांत चतुर्वेदी को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद नारायण ने घर वापसी की तैयारी शुरु की है। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को नारायण कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं। कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से नारायण त्रिपाठी लगातार प्रेशर पॉलिटिक्स कर विंध्य से जुडे मामलों को उठा रहे हैं। भोपाल के व्यापमं चौराहे पर लगी पूर्व सीएम अर्जुन सिंह की प्रतिमा तीन सालों से कपड़े में लिपटी खड़ी थी। नारायण ने विंध्य के लोगों की मौजूदगी में स्वयं प्रतिमा अनावरण करने का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व सीएम की प्रतिमा का अनावरण किया था। हालांकि इस कार्यक्रम में नारायण को नहीं बुलाया गया था।
विधायक नारायण त्रिपाठी पृथक विंध्य राज्य के गठन की मांग को लेकर अलग पार्टी बनाकर चुनाव लडऩे का ऐलान किया था। नारायण ने विंध्य विकास पार्टी बनाकर विंध्य इलाके की सीटों पर अलग प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी। लेकिन, चुनाव के ठीक पहले नारायण अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं। गौरतलब है कि नारायण त्रिपाठी की राजनीति की शुरूआत सपा से हुई थी। वे म.प्र. में समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। 2003 में पहली बार समाजवादी पार्टी से विधायक बने। 2006 में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2009 में कांग्रेस की सदस्यता ली। 2013 में दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। 27 अगस्त 2015 को विधायक के पद से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए। फरवरी 2016 में हुए उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर तीसरी बार विधायक बने। 2018 में बीजेपी के टिकट पर चौथी बार विधायक बने।
नारायण त्रिपाठी की पहचान एक जुझारू नेता के रूप में है। बीते दो सालों से नारायण त्रिपाठी लगातार बीजेपी और सत्ता पक्ष के नेताओं को निशाना बना रहे हैं। कई बार वे संगठन और सरकार पर खुलकर बयान दे चुके हैं। उनके बगावती तेवरों के बावजूद बीजेपी ने उनपर कोई एक्शन नहीं लिया है। तकनीकी रूप से वे अभी भी बीजेपी के ही विधायक हैं। नारायण त्रिपाठी अपनी विधानसभा मैहर को जिला बनाने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलित थे। नारायण ने अपने इलाके में इसे बड़ा मुद्दा बना दिया था। चुनाव आचार संहिता लागू होने के ठीक पहले शिवराज सरकार ने मैहर को जिला बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल नारायण की प्रेशर पॉलिटिक्स अब तक असर कारक रही है। अब वे पांचवीं बार विधानसभा पहुंचने के लिए फिर से कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं।






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