9 घंटे रेल रोको आंदोलन से हिमगिर में बिगड़ी यात्री ट्रेन्स की चाल...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
रायगढ़। हिमगिर में मंगलवार सुबह से दोपहर तक रेल रोको आंदोलन के चलते यात्री ट्रेन्स 9 घंटे प्रभावित रही। टाटा-इतवारी पैसेंजर रद्द रही तो आजाद हिंद को झारसुगुड़ा और हीराकुंड एक्सप्रेस के पहिए झारडीह में थमे रहे। ऐसे में सफर के लिए निकले यात्रियों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।सरहदी प्रान्त ओडि़शा के हिमगिर रेलवे स्टेशन में मंगलवार तडक़े 6 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजे तक लोगों ने रेल रोको आंदोलन करते हुए एकता दिखाई। दरअसल, कई पैसेंजर और एक्सप्रेस से लेकर सुपरफास्ट ट्रेनों का हिमगिर में ठहराव नहीं होने से लोगों को मजबूरी में झारसुगुडा या बृजराजनगर जाकर ट्रेन्स पकडऩी पड़ रही है।
ऐसे में पैसों की अतिरिक्त पैसे खर्च और वक्त बर्बाद होने से सब्र का पैमाना छलकते ही पब्लिक ने यह प्रदर्शन कर रेल प्रशासन को जगाने की कवायद की।सुबह 6 बजे हिमगिर रेलवे स्टेशन में एकत्रित हुए लोगों ने 10 मिनट के बाद आंदोलन शुरू कर दिया। बूंदाबांदी बारिश भी आंदोलनकारियों के हौसले को डिगा नहीं सकी और वे नारे लगाते हुए रेल्वेट्रैक पर डटे रहे। दिनभर हो हल्ला होने के बाद दोपहर 3 बजे सर्व नागरिक दल ने रेल्वे अधिकारी को जनहित में ज्ञापन सौंपते हुए यात्री ट्रेनों के ठहराव के लिए 20 रोज का अल्टीमेटम दिया है। मांगे पूरी नहीं होने पर फिर से रेल रोको आंदोलन करते हुए मालगाड़ी को भी आगे जाने नहीं देने की बात कही गई है।
हिमगिर में लगभग 9 घंटे रेल रोको आंदोलन के कारण आधे दर्जन यात्री ट्रेनों की चाल बिगड़ी रही। जैसाकि मौके की नजाकत को भांप टाटा-इतवारी पैसेंजर को रद्द किया गया तो पुरी एलटीटी को डायवर्ट रुट से भेजा गया। जेडी को रायगढ़ से ही वापस कर दिया गया। आजाद हिंद तथा अहमदाबाद एक्सप्रेस ओडि़शा से निकल नहीं सकी और झारसुगुड़ा में खड़ी रही। इसी तरह हीराकुंड एक्सप्रेस के पहिए झारडीह के आउटर में ही थमे रहे। जबकि, उत्कल और साऊथ बिहार एक्सप्रेस पहले से ही कैंसिल रही। दोपहर 3 बजे के बाद प्रदर्शनकारी रेल्वेट्रैक से हटे, तब कहीं जाकर परिचालन बहाल हो सका।






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