राज काज वसुंधरा के सामने मोदी शाह का आत्मसमर्पण.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के सामने आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को आत्म समर्पण करना ही पड़ा। राजस्थान में वसुंधरा राजे सिंधिया को अलग-थलग करके भाजपा ने चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की थी। राजस्थान में मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा जा रहा था। भाजपा ने उम्मीदवारों को चयन करने की रणनीति बनाई थी। पहली लिस्ट में वसुंधरा राजे सिंधिया को पूरी तरह से इग्नोर कर दिया गया था। उसके बाद वसुंधरा राजे सिंधिया ने जो तेवर दिखाए।उसके बाद मोदी शाह को समर्पण करना पड़ा। भाजपा की जो दूसरी सूची घोषित हुई है।उसमें वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ उनके समर्थकों को भी टिकट दी गई। तब जाकर राजस्थान में युद्ध विराम जैसी स्थिति बनी।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने,महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा में विशेष अधिकार हनन प्रस्ताव पेश कर सदस्यता समाप्त किए जाने की मांग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने एथिक्स कमेटी भी बना दी। जांच भी शुरू हो गई है।उसके बाद महुआ मोइत्रा ने नया मोर्चा खोला है।उसमें निशिकांत दुबे खुद ही फंसते हुए नजर आ रहे हैं। हीरानंदानी का जो शपथ पत्र पेश किया गया।एथिक्स कमेटी द्वारा उसे सार्वजनिक कर दिया गया।इसको लेकर महुआ मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी के साथ-साथ लोकसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साथ लिया है।
बंगाल की महिलाएं वैसे ही बहुत तेज होती हैं।नवरात्रि के पर्व पर किसी महिला को परेशान करने का क्या हश्र हो सकता है।यह देखना है, तो महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे के बीच जो जंग छिड़ी हुई है।उसमें देखने को मिल रहा है।महुआ शेरनी की तरह खड़ी होकर निशिकांत दुबे को हर तरीके से बिना डरे जवाब देने और खुद को सुरक्षित रखने का जो प्रयास कर रही है।वह देश भर में चर्चा का विषय बन गया है।महुआ को घेरने चले थे,दुबे खुद घिरते हुए नजर आ रहे हैं,निशिकांत दुबे। महुआ का शिकार करने निकले थे, और खुद शिकार होते हुए दिख रहे हैं। निशिकांत दुबे। महुआ यदि पैसे लेकर अडानी के खिलाफ सवाल लोकसभा में खड़े कर रही थी।निशिकांत दुबे भी पैसे लेकर अदानी का लोकसभा में बचाव करते दिखते हैं।पैसे तो दोनों ही हालत में लिए जा रहे हैं। महुआ की सदस्यता जाएगी,तो निशिकांत दुबे की भी सदस्यता जाना तय माना जा रहा है।
कॉर्पोरेट की जंग का मैदान बनी संसद
संसद अब कारपोरेट जंग के लिए अखाड़े के रूप में काम आ रही है। कारोबारी के झगड़े अब संसद के अंदर तक पहुंचने लगे हैं कारोबारी घरानों के हितों की रक्षा करने के लिए सांसदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। हाल ही में महुआ मोइत्रा और सांसद निशिकांत दुबे कारोबारी के हितों की रक्षा करने के नाम पर आमने-सामने आ गए हैं निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया है कि वह पैसा लेकर अदानी के खिलाफ संसद में प्रश्न पूछ रही थी। वहीं महुआ मोईत्रा ने पैसे लेकर अडानी के बचाव करने का आरोप निशिकांत दुबे पर लगाया है दोनों सांसद कारपेट जगत के लिए काम कर रहे हैं यह तो स्पष्ट हो गया है एक को हीरानंदानी समूह द्वारा पैसे दिए गए दूसरे के ऊपर अदानी समूह के हितों की रक्षा करने का आरोप लग रहा है लोकसभा के 86 फ़ीसदी सांसद करोड़पति हैं। करोड़पति संसद अरबपतियों की चाकरी नहीं करेंगे, तो किसकीचाकरी करेंगे। अब तो जनता के बीच में भी यह चर्चा हो रही है, कि नेता खुद ही एक दूसरे के कपड़े उतार कर एक दूसरे को नंगा कर रहे हैं।
महुआ का जेल जाना और सांसदी जाना तय
भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे जो कहते हैं, वही होता है। उन्होंने भविष्यवाणी कर दी है, संसद मे विशेष अधिकार मामले में महुआ की सांसदी जाना तय है। सीबीआई ने भी महुआ की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई का छापा डलना भी तयमाना जा रहा है। महुआ की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है। निशिकांत दुबे ने महुआ की तुलना झारखंड के गिरफ्तार नेता पंकज मिश्रा से कर दी है। वह भी ईड़ी और सीबीआई को चैलेंज करते रहते थे। अब वह 2 साल से जेल की हवा खा रहे हैं। संसद के गलियारे में चर्चा है कि जो भविष्यवाणी निशिकांत दुबे कर देते हैं।वह सच साबित होकर रहती है। निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा और जांच शुरू हो गई। एथिक्स कमेटी ने जांच शुरू कर दी। अब जब सांसदी जाएगी तो कहीं अपील करने का मौका भी नहीं मिलेगा।वही महुआ की ओर से कहा जा रहा है,कि नवरात्रि के पर्व पर उन्होंने हमला किया है। महिषासुर का वध उनके ही हाथों होगा। वह पूरे जोर-शोर से महिषासुर वध के लिए तैयार हो गई हैं। वह अपने आप को दुर्गा के रूप में बता रही हैं।






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