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’12वीं फेल’ फिल्‍म को देखने के बाद मंत्री ने की IAS की तारीफ...

Nov 5, 2023
3 min read






































ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

यूपी- आईपीएस मनोज कुमार शर्मा और उनकी पत्‍नी श्रद्धा जोशी की असली कहानी पर बनी विधु विनोद चोपड़ा की फिल्‍म ’12वीं फेल’ धूम मचा रही है। टीवी, सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म हर जगह फिल्‍म के बारे में बात हो रही है और सिनेमाघरों में बड़ी संख्‍या में दर्शक इसे देखने पहुंच रहे हैं। फिल्‍म देखने के बाद योगी आदित्‍यनाथ सरकर में राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभारी) समाज कल्‍याण असीम अरुण ने एक फेसबुक पोस्‍ट में रिंकू राही के आईएएस बनने की कहानी साझा की है जिन्‍हें कभी बदमाशों ने छह गोलियां मार दी थीं और मरा हुआ जानकर छोड़ गए थे।


पॉलिटिक्‍स ज्‍वाइन करने से पहले असीम अरुण खुद एक आईपीएस अधिकारी थी। उन्‍होंने कानपुर के पुलिस कमिश्‍नर के पद से वीआरएस लेने के बाद बीजेपी ज्‍वाइन की और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कन्‍नौज सीट पर तीन बार के समाजवादी पार्टी से विधायक रहे अनिल दोहरे को हराकर जीत हासिल की। सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने उन्‍हें मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया। असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण यूपी के डीजीपी रह चुके हैं।


‘हमारा हीरो: रिंकू राही’ शीर्षक से शेयर की गई इस पोस्‍ट में असीम अरुण ने लिखा- कल ’12th फेल फिल्म’ देखी, जो IPS मनोज शर्मा जी की, तमाम अभावों के बावजूद, कठिन परिश्रम और लगन के साथ सफल होने की कहानी है।


‘ऐसी सफलता की कहानियां सुनकर हम सब प्रेरित होते हैं क्योंकि इनसे हमें अपनी चुनौतियां आसान लगने लगती हैं। ऐसी ही एक कहानी है रिंकू राही की, जिनके बारे में, सुखद संयोग, कि आज ही यह बड़ी खबर मिली कि उन्हें यूपी कैडर मिल गया! यह सुनकर मन गदगद हुआ और एक बार रिंकू की पूरी कहानी आंखों के सामने से दौड़ गई। वर्ष 2008 में रिंकू राही समाज कल्याण कल्याण अधिकारी सिलेक्ट हो कर मुजफ्फरनगर में नियुक्त हुए। वहां पर उन्होंने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जिसका परिणाम यह हुआ कि वहां के माफिया ने उन पर हमला किया जिसमें 5 गोलियां उनके पेट में और एक सिर में लगीं। शूटर रिंकू को मरा जानकर छोड़ गए।


इसको ईश्वर का अशीर्वाद कहें या रिंकू की दृढ़ इच्छा शक्ति कि इसके बाद भी वे बच गए। अस्पताल में लंबी लड़ाई लड़ी। तमाम तरह की सर्जरी हुईं। लगभग 2 साल के इलाज के बाद काफी हद तक स्वस्थ हो गए। रिंकू अपने सिद्धान्तों पर अडिग रहे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ते रहे।


मार्च 2022 में जब मुझे समाज कल्याण मंत्री का प्रभार मिला तो रिंकू से फोन पर बात हुई, फिर मुलाकात हुई। रिंकू हापुड़ स्थित राजकीय अनुसूचित जाति IAS- PCS कोचिंग का नेतृत्व व संचालन कर रहे थे। हर साल अच्छी संख्या में बच्चों का चयन हो रहा था। क्योंकि रिंकू के कुछ अटेम्प्ट अभी बचे थे, मैंने जोर दिया कि आप परीक्षा पुन: देने के बारे में सोचें। बहुत सारा उनका अपना मोटिवेशन और मेरा छोटा सा धक्का और रिंकू ने एक और अटेम्प्ट दिया, जिसमें इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन कोई सर्विस नहीं अलॉट हुई क्योंकि नंबर कुछ कम रह गए।


उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी की। परिणाम यह रहा कि वर्ष 2023 के रिजल्ट में यूपी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कोचिंगों के 24 कैंडिडेट सिलेक्ट हुए और उनके गुरू रिंकू राही भी! रिंकू के जीवन का सस्पेंस अभी जारी था। सबसे पहली सूची में इनको इंडियन रेवेन्यू सर्विस (कस्टम्स) मिली, किन्तु कुछ ऐसी संभावनाएं थीं कि सर्विस चेंज हो जाए। कई महीने सस्पेंस रहा और उसके बाद खुशी और बढ़ गई जब रिंकू को IAS आवंटित हुई। उसकी खुशी में एक लहर और आनी बची थी कि कल जब कैडर अलॉटमेंट हुआ तो रिंकू को यूपी कैडर भी मिल गया।


निश्चित रूप् से ये स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है। जो लोग सरकारी सेवाओं के लिए परीक्षा दे रहे हैं या सरकारी सेवा कर रहे हैं या कहीं भी हैं। शायद इससे ज्यादा मोटिवेशनल कोई और स्टोरी नहीं हो सकती। मुझे लगा कि आज मैं रिंकू सिंह व उनके परिवार को इस अवसर पर हृदय से बधाई दूं और आप के सामने एक प्रेरणादायक स्टोरी रखूं… हमारे हीरो: रिंकू राही की।’

 
 
 

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