LBB पेसिंग तकनीक से एक सप्ताह में दो मरीजों को दिया जीवनदान...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रीवा स्थित सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल हृदय रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां के चिकित्सकों ने अब तक कई हृदय रोगियों का सफल इलाज करके उन्हें जीवनदान दिया है। इसी कड़ी में अब यहां के चिकित्सकों ने एक बार फिर से इतिहास रचा है। जहां नई तकनीक का उपयोग करके एक सप्ताह भीतर दो हृदय रोगियों को जीवनदान दिया है।
विश्व की सर्वोच्च तकनीक, (एलबीबी पेसिंग) से पेसमेकर इंप्लांट करके सुपरस्पेशलिटी रीवा ने फिर इतिहास रचा। सुपरस्पेशलिटी रीवा के कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय के अत्यंत जटिल प्रोसीजर करके कई इतिहास रचे हैं और अब तक 6 हजार से अधिक लोगों की जान बचाई है। इसी कड़ी में डॉ. एस के त्रिपाठी, सह प्राध्यापक कार्डियोलॉजी ने विश्व की नवीनतम तकनीक एलबीबी पेसिंग कर एक ही सप्ताह में दो मरीजों की जान बचाई।
सामान्यतः जो पेसमेकर मरीजों को लगाए जाते हैं उनमें पेसमेकर लीड हृदय के एक चेंबर में इंप्लांट की जाती है जिससे भविष्य में हृदय की पंपिंग कम होने का खतरा बना रहता है। एलबीबी पेसिंग तकनीक में पेसमेकर की लीड हृदय के कंडक्शन सिस्टम में फिक्स की जाती है जिससे हृदय बिल्कुल सामान्य तरीके से धड़कता है। यही कारण है कि इसमें हृदय की पंपिंग कम होने का खतरा नही होता और जिन मरीजों की पंपिंग पहले से कम है वो समय के साथ इस तकनीक से इंप्रूव भी होती है। तकनीक को सफल बनाने में कैथ लब टेक्नीशियन जय नारायण मिश्र, सत्यम शर्मा, मनीष सुमन और नर्सिंग स्टाफ इंद्रभान मांझी एवं ओटी नर्सिंग इंचार्ज पुष्पेंद्र की अहम भूमिका रही।






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