कोरिया: नौकरी का झांसा देकर सफाई कर्मी से 14 लाख की ठगी....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सरकारी नौकरी का लालच देकर एक बड़े फ्रॉड का मामला सामने आया है। छात्रावास अधीक्षक (Hostel Superintendent) के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर स्कूल के एक सफाई कर्मचारी से करीब 14 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर आईजी कार्यालय में पदस्थ एक कांस्टेबल, उसकी पत्नी, एक अधिवक्ता (Advocate) और अन्य आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
ऐसे बुना गया ठगी का जाल -
कोतवाली बैकुंठपुर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय आमापारा स्कूल में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत संतोष कुमार सारथी ने कोरिया पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जान-पहचान अंबिकापुर आईजी कार्यालय में पदस्थ कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा की पत्नी अनुराधा भगत से थी।
वर्ष 2024 में छात्रावास अधीक्षक के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी हुआ था। इसी का फायदा उठाते हुए अनुराधा भगत ने संतोष को आसानी से नौकरी दिलवाने का भरोसा दिया और इसके एवज में 15 लाख रुपए की मांग की। नौकरी की उम्मीद में पीड़ित ने कर्ज लेकर आरोपियों को पैसे देना शुरू कर दिया।
अलग-अलग किश्तों और खातों में ट्रांसफर किए गए रुपए -
शिकायत के मुताबिक, परीक्षा से पहले ही अनुराधा ने अलग-अलग किश्तों में नगद रुपए ले लिए। इसके अलावा, विभिन्न बैंक खातों और ग्राहक सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से भी बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई:
कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा के खाते में 40,000 रुपए।
अनुराधा के पिता जोखन लाल के खाते में 20,000 रुपए।
रायपुर निवासी डॉ. प्रकाश अनंत के खाते में 40,000 रुपए।
एडवोकेट आशीष तिवारी के खाते में 14,000 रुपए।
पीड़ित का आरोप है कि 5 जनवरी 2025 को कटघोरा के एक होटल में कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने उसकी मुलाकात डॉ. प्रकाश अनंत से कराई थी, जहाँ उसे जल्द नियुक्ति का भरोसा दिलाया गया था।
चयन सूची में नाम न आने पर खुली पोल -
परिणाम जारी होने के बाद जब चयन सूची में संतोष का नाम नहीं आया, तो उसने आरोपियों से संपर्क किया। इस पर उन्हें टालमटोल किया गया और डॉ. प्रकाश अनंत ने फोन पर यह कहकर आश्वस्त किया कि उसका नाम तीसरी सूची में आ जाएगा।
लंबी समयावधि बीतने और नौकरी न मिलने पर जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। कर्ज के दलदल में फंस चुके पीड़ित ने अंततः पुलिस की शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई -
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। कोतवाली बैकुंठपुर पुलिस ने आरोपी अनुराधा भगत, कांस्टेबल राजकुमार लकड़ा, डॉ. प्रकाश अनंत, एडवोकेट आशीष तिवारी और जोखन लाल के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 351(3), 61(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के अन्य शिकारों और बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।






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