google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

जाने अंतरिम बजट होता क्या है? किन स्थितियों में किया जाता है पेश, कैसे है आम बजट से अलग....

Feb 1, 2024
2 min read




































ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी 2024 को जो बजट पेश करेंगी वह अंतरिम बजट होगा. आमतौर पर चुनाव से पहले अंतरिम बजट ही पेश होता है. अंतरिम बजट दो स्थितियों में पेश किया जाता है. एक या तो सरकार के पास पूर्ण या आम बजट पेश करने का समय नहीं हो. या फिर तुरंत लोकसभा चुनाव होने वाला हो. इस बार का बजट, अंतरिम बजट इसलिए होगा क्योंकि सरकार को कुछ महीने बाद चुनाव में जाना है. दोनों ही स्थितियों में सरकार नए कारोबारी साल के बचे हुए महीने के लिए खर्च की अनुमति संसद से लेती है. परंपरा के मुताबिक चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार ही पूर्ण बजट पेश करेगी. यह छठा मौका होगा जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. वह अपना पहला अंतरिम बजट पेश करेंगी. 


प्रस्तुत किया जाएगा राजस्व-व्यय का अनुमान

मसलन, अभी 2023-24 का बजट जो सरकार ने पेश किया था उसके जरिये सिर्फ 31 मार्च 2024 तक होने वाले खर्च की अनुमति ली गई थी. क्योंकि चुनाव अप्रैल-मई में होना संभावित है. ऐसे में नई सरकार बनने और नया बजट पेश होते-होते जुलाई का महीना आ जाएगा. अंतरिम बजट आम बजट से छोटा होता है. इसमें नई सरकार के गठन तक राजस्व और व्यय के अनुमान को प्रस्तुत किया जाता है. ताकि मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना रहे. तो अप्रैल से जुलाई यानी 4 महीने में जो खर्च होने हैं उसकी अनुमति इस बार के अंतरिम बजट के जरिये ली जाएगी. यह बजट तब तक लागू रहता है जब तक कि नई सरकार अपना नया पूर्ण बजट पेश नहीं कर देती है. अंतरिम बजट संसद में बिना किसी चर्चा के पेश किया जाता है, इसीलिए उसे वोट ऑन अकाउंट भी कहा जाता है. ये 16वां अंतरिम बजट होगा.


इन मौकों पर नहीं हुआ परंपरा का पालन

परंपरा रही है कि अंतरिम बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं की जाती है. फिर भी समय समय पर कई वित्त मंत्रियों ने जरूरत का हवाला देकर अंतरिम बजट में भी बड़ी घोषणाएं की हैं. यूपीए सरकार में जब वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2014-15 में अंतरिम बजट पेश किया था तो एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी. अटल सरकार में 2004-05 का अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंंत्री जसवंत सिंह ने डायरेक्ट टैक्स में बदलाव का ऐलान जरूर किया था, लेकिन फाइनेंस बिल में बदलाव नहीं किया था. यहां एक बात जान लेना जरूरी है कि कोई कानून सरकार को अंतरिम बजट में बड़ा ऐलान करने से नहीं रोकता है.


 
 
 

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html