"दरवाजे पे दस्तक" अभियान शुरू,कोटा में मासूम छात्रों की जिंदगियाँ बचाने की मुहीम........

देश के कोचिंग केंद्र के रूप में प्रख्यात और छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं से सुर्खियों में आए राजस्थान के कोटा शहर की पुलिस ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नयी पहल की है और छात्रों में अवसाद का पता लगाने के लिए छात्रावास के वार्डन, मेस में काम करने वाले कर्मियों और टिफिन सेवा देने वालों की सहायता ली जा रही है |
पुलिस छात्रावासों और पीजी (पेइंग गेस्ट) के वार्डन को ‘दरवाजे पे दस्तक’ अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है | उसने मेस कर्मियों और टिफिन सेवा प्रदाताओं से अनुरोध किया है कि अगर कोई छात्र मेस से बार-बार अनुपस्थित रहता है या खाना नहीं खाता या कोई टिफिन मंगाने के बावजूद खाना नहीं खा रहा है तो इसकी जानकारी उसे दें |
दरवाजे पे दस्तक’ अभियान शुरू
कोटा के एएसपी चंद्रशील ठाकुर ने कहा, ‘‘हमने ‘दरवाजे पे दस्तक’ अभियान शुरू किया है जिसके जरिये हम हॉस्टल के वार्डन को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे नियमित तौर पर रात करीब 11 बजे प्रत्येक छात्र के कमरे का दरवाजा खटखटाएं और पूछे कि क्या वे ठीक हैं, उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और सुनिश्चित करें कि उनमें तनाव, अवसाद या असमान्य व्यवहार का संकेत नहीं हैं |’’






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