वकीलों की समस्याएं सुनी कमलनाथ दिग्विजय सिंह ने.....

मिली जानकारी के अनुसार भोपाल में शनिवार को प्रदेशभर के वकीलों का बड़ा कार्यक्रम विचार-विमर्श हुआ। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने वकीलों की समस्याएं सुनीं। वकीलों की एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने, कॉन्ट्रीब्यूट्री पेंशन स्कीम शुरू करने, हेल्थ इंश्योरेंस, स्टायपेंड देने और सभी बार एसोसिएशन के बिजली बिल माफ करने की मांगें हैं।
बीएसएस कॉलेज में चल रहे विधिक विमर्श कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ-दिग्विजय सिंह के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, विधायक कांतिलाल भूरिया, पीसी शर्मा, आरिफ मसूद, तरुण भनोट, एनपी प्रजापति, जगत बहादुर सिंह अन्नू भैया, केके मिश्रा, जेपी धनोपिया, पीसी कोठारी, शशांक शेखर आदि मौजूद रहे। कांग्रेस विधि विभाग के नवनियुक्त अध्यक्ष शशांक शेखर ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मंच से मांग रखी कि अधिवक्ताओं के लिए को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने रखी मांगें:-
वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने मंच से वकीलों से जुड़ी मांगें रखीं। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश में 1 लाख 35 वकील हैं। ये वकील किसी भी पार्टी के लिए भाग्यविधाता हैं। कमलनाथ जी, दिग्विजय जी आप वकीलों को चुनाव में प्राथमिकता दीजिए। हमारी पांच मुख्य मांगें हैं। सरकार बनने पर इन्हें पूरा कीजिए। तन्खा ने कहा कि एडवोकेट वेलफेयर एंड प्रोटेक्शन एक्ट लाए, ओल्ड एज पेंशन की व्यवस्था करें, सहयोग राशि बार काउंसिल और एसोसिएशन को दें। नए वकीलों को कम से कम 3 साल तक स्टाइपेंड मिले, क्योंकि वकालत अब सबसे पसंदीदा पेशा हो गया है। युवा इस पेशे में आ रहा है। वकीलों के स्वास्थ्य सुविधा और खर्च की व्यवस्था की जाए। वकील परिवार के स्वास्थ्य की चिंता करें। वकीलों के कोर्ट परिसर के चैंम्बर और कमरों के बिजली बिल का खर्च सरकार उठाए।
कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा:-
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा। उन्होंने अबकी बार भ्रष्टाचार की व्यवस्था से मुकाबला होने की बात कही। प्रदेश में बेरोजगारी का मुद्दा उठा। कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने की घोषणाएं ही होती हैं। इस झूठ, आश्वासन से जनता का पेट नहीं भरता। भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं बची है। आगामी विधानसभा चुनाव मध्यप्रदेश का भविष्य तय करेगा।
वकीलों की मुख्य समस्याएं:-
नए वकीलों को सरकार 3 साल तक उनके खर्च के लिए स्टायपेंड मिलें। वकीलों और उनके परिवारों के इलाज के लिए सरकार और बार काउंसिल मिलकर मदद करें। बुजुर्ग वकीलों के लिए पेंशन स्कीम बने। कोर्ट परिसर में वकीलों के चैम्बर और कमरों का बिजली बिल का भुगतान सरकार करें।
वचन पत्र में मांगों को शामिल करेंगे |
वचन पत्र में मांगों को शामिल करेंगे:-
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि मैंने पहली बार इतना बड़ा अधिवक्ता सम्मेलन देखा, जिसमें वकीलों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। आज संविधान पर हमला हो रहा है। उसकी आपको रक्षा करनी है। जिस प्रकार हनुमान जी भगवान राम की रक्षा करते हैं, वैसे ही आपकी जिम्मेदारी हैं कि आप संविधान की रक्षा करें। हमारा प्रयास रहेगा कि हम आपकी मांगों को पूरा करें। वचन पत्र में आपकी मांगें शामिल की जाएंगी।






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