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‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पहुंचे जस गीत सम्राट दिलीप षडंगी, छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने की अपील...

Oct 13
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

नवा रायपुर (या रायपुर)। शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में राजधानी का प्रेस क्लब परिसर पूरी तरह भक्ति रस में डूब गया। मौका था 'हमर पहुना' नाम से आयोजित खास सांस्कृतिक सत्र का, जहां प्रसिद्ध लोकगायक दिलीप षडंगी ने अपनी आवाज से अनूठा समां बांधा। इस आयोजन में उन्होंने अपनी कला यात्रा, लोक संगीत की चुनौतियों और संस्कृति को बचाने के लिए जरूरी कदमों पर खुलकर बात की।

साधना से आराधना तक का सफर -

चर्चा के दौरान लोक कलाकार ने अपने संगीत करियर के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह लोक धुनों की सेवा करते-करते उनका झुकाव देवी आराधना की तरफ हुआ। मन में उपजे आध्यात्मिक भावों को जब उन्होंने गीतों का रूप दिया, तो श्रोताओं ने उसे खुले दिल से अपनाया। यही मोड़ उनके जीवन में मील का पत्थर साबित हुआ और उन्हें जस गीत सम्राट के रूप में एक नई पहचान मिली। उनका मानना है कि छत्तीसगढ़ी माटी के इन गीतों में एक अनोखा खिंचाव है, जो हर सुनने वाले को झूमने पर मजबूर कर देता है।

स्थानीय कलाकारों की अनदेखी पर जताई चिंता -

कला जगत से जुड़ी एक गंभीर समस्या पर बोलते हुए उन्होंने आयोजकों और समाज को आईना दिखाया। उनका कहना था कि प्रदेश में एक से बढ़कर एक बेहतरीन प्रतिभाएं मौजूद हैं, इसके बावजूद कई आयोजक दिखावे के चक्कर में बाहरी कलाकारों पर पानी की तरह पैसा बहा देते हैं और स्थानीय कलाकारों को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने पुरजोर अपील की कि यदि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को असल मायनों में आगे बढ़ाना है, तो यहीं के कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने सरकारों से भी आग्रह किया कि लोक कलाकारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि वे बेफिक्र होकर अपनी कला साधना जारी रख सकें।


मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां -

पत्रकारों के विशेष अनुरोध पर मंच से जब उनके चर्चित गीत गूंजे, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 'आमा पान के पतरी, करेला पान के दोना' और 'कोरी-कोरी नारियल चढ़े' जैसी लोकप्रिय रचनाओं ने वहां मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यादव, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेश जांगड़े समेत कई पत्रकार साथी मौजूद रहे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक संध्या को और भी यादगार बना दिया।


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