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वातावरण और पर्यावरण की ‎जानकारी लेने मंगलयान-2 की तैयारी में जुटा इसरो....

Oct 3, 2023
2 min read












































































ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

मंगल ग्रह पर वातावरण और पर्यावरण की जानकारी जुटाने के ‎लिए इसरो ने मंगलयान-2 ‎मिशन की तैयारी कर ली है। गौरतलब है ‎कि इसरो ने अपने पहले प्रयास में इस लाल ग्रह की कक्षा में एक अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक स्थापित करके इतिहास रचने के नौ साल बाद फिर से मंगलयान भेजने की तैयारी की है।

इस मामले में इसरो के अधिकारियों ने बताया ‎कि भारत का दूसरा मार्स ऑर्बिटर मिशन-2 चार पेलोड ले जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलयान-2 के वैज्ञानिक उपकरण मंगल ग्रह के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेंगे। जिसमें अंतरग्रहीय धूल, मंगल ग्रह का वातावरण और पर्यावरण शामिल हैं। इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि ये सभी पेलोड विकास के विभिन्न चरणों में हैं। नौ साल पहले 24 सितंबर को भारत ने अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में प्रवेश करके इतिहास रचा था। यह एक ऐसी उपलब्धि थी, जो तब तक किसी भी अन्य अंतरिक्ष एजेंसी ने हासिल नहीं की थी। मंगलयान-2 के मिशन दस्तावेज के मुताबिक दूसरा मार्स मिशन एक मार्स ऑर्बिट डस्ट एक्सपेरिमेंट, एक रेडियो ऑकल्टेशन प्रयोग, एक एनर्जेटिक आयन स्पेक्ट्रोमीटर और एक लैंगमुइर प्रोब और इलेक्ट्रिक फील्ड एक्सपेरिमेंट को ले जाएगा।


मंगलयान-2 के मिशन दस्तावेज में कहा गया है कि मोडेक्स मंगल ग्रह पर ज्यादा ऊंचाई पर धूल की उत्पत्ति, बहुतायत, वितरण और प्रवाह को समझने में मदद करेगा। मंगल ग्रह पर अंतरग्रहीय धूल कणों की अब तक कोई माप नहीं हुई है। यह उपकरण हाइपरवेलोसिटी पर यात्रा करते हुए कुछ सौ एनएम से कुछ माइक्रोमीटर तक के आकार के कणों का पता लगा सकता है। इसके नतीजे मंगल पर धूल के प्रवाह को समझाने में मदद कर सकते हैं। वे यह भी पुष्टि कर सकते हैं कि क्या मंगल के चारों ओर कोई वलय है और वहां मौजूद धूल अंतरग्रहीय है या फोबोस या डेमोस से आ रही है। इसरो मंगल ग्रह के वातावरण में सोलर एनर्जी के कणों और सुपर-थर्मल सोलर विंड कणों की पहचान करने के लिए एक ईआईएस भी विकसित कर रही है।

 
 
 

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