IRRI देगा ओडिशा को तकनीकी मदद, कालाजीरा चावल की खेती को बढ़ावा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
भुवनेश्वर :- इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI) ओडिशा को देसी चावल की किस्मों, खासकर खुशबूदार 'कालाजीरा' चावल की खेती बढ़ाने, उनमें वैल्यू एडिशन करने और बाज़ार में उनके प्रचार-प्रसार के लिए तकनीकी मदद देगा। इस बारे में उप-मुख्यमंत्री और कृषि एवं किसान सशक्तिकरण मंत्री कनक वर्धन सिंह देव के साथ लोक सेवा भवन में एक बैठक हुई।
IRRI के मुख्य वैज्ञानिक नेसे श्रीनिवासुलु की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में IRRI, ओडिशा के प्रमुख मुकुंद वारियर भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि बातचीत में कालाजीरा और कम ग्लाइसेमिक-इंडेक्स (Low-GI) वाली चावल की अन्य किस्मों की प्राकृतिक खुशबू और गुणवत्ता को बनाए रखने के साथ-साथ टूटे हुए चावल से वैल्यू-एडेड खाद्य उत्पाद बनाने पर ज़ोर दिया गया। IRRI प्रोसेसिंग और उत्पाद विकास के लिए तकनीकी सहायता देगा।
राज्य सरकार कालाजीरा की खेती को एक मॉडल डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि बाज़ार में इसकी प्रीमियम कीमत और किसानों को ज़्यादा मुनाफ़ा मिल सके। इस सहयोग का मकसद स्थानीय राइस मिलों को मज़बूत करके और पारबॉइल्ड राइस मिलिंग यूनिट लगाने को बढ़ावा देकर किसानों को माइक्रो-एंटरप्रेन्योर (सूक्ष्म उद्यमी) बनाना भी है।







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