मुस्लिम देशों के विरोध को दरकिनार कर स्वीडन में संसद के सामने जलाई कुरान.....

मुस्लिम देशों के भारी विरोध के बावजूद स्वीडन में इसका कोई असर नहीं हो रहा है। यही वजह है कि एक बार फिर यहां की संसद के सामने ही कुरान को जलाकर विरोध जाहिर किया गया। इस तरह से सऊदी अरब से लेकर पाकिस्तान तक भारी विरोध के बाद भी स्वीडन में कुरान जलाने की घटनाओं पर रोक नहीं लग रही है। ताजा मामले में एक इराकी मूल के एक व्यक्ति सलवान मोमिका ने सोमवार को राजधानी स्टॉकहोम में संसद के सामने कुरान की प्रति को जला दिया।
इससे पहले भी स्वीडन में कुरान को जलाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं और इसके विरोध में इराक, पाकिस्तान समेत दुनिया के कई मुस्लिम देशों में हिंसक प्रदर्शन हो चुके हैं। कई देश तो स्वीडन को चेतावनी तक दे चुके हैं। खबरों के मुताबिक कुरान जलाने में मोमिका की एक अन्य व्यक्ति सलवान नाजेम ने मदद की। सलवान इराकी मूल का है, मोमिका और सलवान दोनों ही स्टॉकहोम में संसद के सामने पहुंचे और उन्होंने कुरान को जला दिया। मोमिका ने इस दौरान इस्लाम विरोधी नारे भी लगाए। हालांकि इस दौरान उन्हें स्वीडन के कई लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा जो इस भड़काऊ गतिविधि को रोकने के लिए कह रहे थे।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं में से एक को अरेस्ट भी कर लिया। इससे पहले गत 28 जून को भी मोमिका ने ईद उल अजहा के पहले दिन पुलिस के संरक्षण में स्टॉकहोम की एक मस्जिद के सामने कुरान को जलाया था। हाल के दिनों में स्वीडन और डेनमार्क में कुरान के अपमान की कई घटनाएं हो चुकी हैं और इसको लेकर मुस्लिम देशों ने बहुत कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने दोनों ही देशों की कड़ी निंदा की है। जानकारी के अनुसार स्वीडन के खिलाफ तो इराक में बहुत ज्यादा हिंसक प्रदर्शन हुआ था। स्वीडन और डेनमार्क में अभिव्यक्ति की आजादी है और इस वजह से सरकार चाहकर भी उसे रोक नहीं पा रही है।






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