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जरही माता मंदिर समेत विभिन्न देवालयों में प्रज्वलित हो रहे सैकड़ों मनोकामना ज्योति कलश...

Oct 13
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़:

शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत नरियारा में इन दिनों भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। पूरा नगर माता रानी की आराधना में लीन है, और हर तरफ उत्सव का उल्लास नजर आ रहा है। नगर के प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा भारी संख्या में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करवाए गए हैं।

आस्था का प्रमुख केंद्र: जरही माता मंदिर

नरियारा मुख्य मार्ग के किनारे स्थित सिद्ध पीठ जरही माता दाई मंदिर यहाँ की सबसे प्राचीन और लोक-आस्था के बड़े केंद्रों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मन्नत मांगने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना अवश्य पूरी होती है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में यहाँ दूर-दूर से माता के दर्शन और पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है।


प्रमुख मंदिरों में मन्नत के दीप

जरही माता मंदिर के अलावा नरियारा क्षेत्र के अन्य प्रतिष्ठित देवालयों में भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं:

  • प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर (जहाँ प्रसिद्ध रथयात्रा और मेले का आयोजन होता है)

  • तालाब के मध्य में स्थित शीतल माता मंदिर

  • सागर तालाब के पास स्थित महामाया मंदिर

  • भगत कुआं काली मंदिर


स्थानीय जानकारों और रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष मुख्य मार्ग पर स्थित मंदिरों में तैल (तेल) और घृत (घी) के रूप में बड़ी संख्या में ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। विभिन्न देवी-देवताओं के स्थलों को मिलाकर कुल प्रज्वलित होने वाले ज्योति कलशों का अनुमानित आंकड़ा लगभग 600 के करीब पहुँच गया है, जो यहाँ के लोगों की गहरी धार्मिक निष्ठा को दर्शाता है।

चहल-पहल और पर्व का उत्साह -

नवरात्र के इन दिनों में नरियारा के बाजारों और धार्मिक स्थलों पर भारी चहल-पहल बनी हुई है। पर्व की यह रौनक विजयादशमी (दशहरा) तक बनी रहती है, जहाँ अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक रूप में रावण वध का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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