भारत विरुद्ध कनाडाई प्रधानमंत्री के आरोप की जांच पर सहमत फाइव आइज...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या आरोप को लेकर भारत और कनाडा एक अभूतपूर्व राजनयिक संकट से जूझ रहे हैं। इस संकट के राजनीतिक और भू-राजनीतिक परिणाम पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकते हैं। शायद यही वजह है कि कनाडा के जो मित्र भी इस मसले पर उसका साथ नहीं दे रहे हैं।
दरअसल ऐसी खबरें आम तौर पर लोकतांत्रिक सहयोगियों के बीच हंगामा पैदा करती हैं लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। भारत की जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के कुछ ही दिनों बाद कनाडाई प्रधानमंत्री के बयान ने पश्चिमी देशों को अजीब स्थिति में डाल रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा के गठबंधन को फाइव आइज कहा जाता है लेकिन इस समूह के किसी भी देश ने अब तक सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में कथित संलिप्तता के लिए भारत की निंदा नहीं की है। हालांकि, इन देशों ने ताजा विवाद पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए जांच का आग्रह किया है। ऐसा इसलिए संभव हो सका है क्योंकि अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देश भारत को चीन के मुकाबले एक ताकतवर देश के रूप में देखते हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन में काफी मायने रखता है।
भू-राजनीति के कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा मुख्य रूप से चीन के कारण हुआ है। पश्चिमी देश बीजिंग की बढ़ती शक्ति और मुखरता के विरोध के रूप में भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। कनाडा के अहम सहयोगियों की भी यही प्राथमिकता है। इसलिए कोई भी देश भारत को नाखुश नहीं कर सकता।सूत्रों के मुताबिक, ओटावा के कार्लटन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की प्रोफेसर स्टेफ़नी कार्विन ने कहा, चीन को संतुलित करने के लिए पश्चिमी गणनाओं में भारत महत्वपूर्ण है, कनाडा नहीं है। यही वजह है कि कनाडा को इस मामले में अन्य सभी पश्चिमी देशों से समर्थन नहीं मिल सका है और वह अलग-थलग पड़ चुका है।
इससे भी दो कदम आगे की बात यह है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और कई विश्लेषकों का मानना है कि 2030 तक यह जापान और जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। लिहाजा, 140 करोड़ की आबादी वाला भारत दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक के साथ विश्व बिरादरी में एक अग्रणी शक्ति बन चुका है। दूसरी बात यह है कि, जो देश कनाडा के मित्र राष्ट्र हैं, वे सभी भारत के भी अच्छे दोस्त हैं। ऐसे में कोई भी देश कनाडा के लिए भारत से अपने संबंधों को बिगाड़ना नहीं चाह रहा।






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