नोएडा से कानपुर के बीच बनने जा रहा है एक्सप्रेसवे,जाने मैप रूट...

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के जरिए विकास की रफ्तार को तेज करने की योजना पर लगातार काम किया जा रहा है। नोएडा से कानपुर के बीच एक एक्सप्रेसवे बनाई जा रही है।औद्योगिक नगरी कानपुर को इस एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे देश के बड़े एयरपोर्ट में से एक के रूप में विकसित किए जा रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी दी जाएगी। इस एक्सप्रेसवे से हापुड़ को जोड़ने के लिए 60 किमी लंबी एक कनेक्टर रोड भी बनाई जाएगी। बता दें कि पहले यह एक्सप्रेसवे हापुड़ से कानपुर के बीच बनने वाला था। लेकिन बाद में इस प्रस्ताव में बदलाव कर दिया गया है। दरअसल जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ध्यान में रखते हुए इस बाबत रूट में बदलाव किए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर्स की ओर से डीपीआर तैयार कर लिया गया है ।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर बदलाव:-
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना को लेकर दावा किया जा रहा है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए इसमें बदलाव किया गया है। एनएचएआई के इंजीनियरों ने प्राइमरी स्टेज पर काम पूरा कराया गया है। योजना का डीपीआर तैयार किया गया है। मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना में बदलाव को मंजूरी मिलने के बाद काम को शुरू किए जाने के भी संकेत मिलने लगे हैं। एक्सप्रेसवे का रूट मैप क्या होगा?
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे के प्राइमरी स्टेज पर तैयार किए गए डीपीआर के तहत रूट मैप का ब्यौरा भी सामने आया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के छह जिलों से होकर गुजरेगा। नोएडा से शुरू होकर बुलंदशहर होते हुए एक्सप्रेसवे कासगंज पहुंचेगा। वहां से एटा, मैनपुरी और कन्नौज होते हुए कानपुर का रूट तय किया गया है। कानपुर से कन्नौज तक वर्तमान जीटी रोड के ऊपर ही इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। कन्नौज के बाद नोएडा तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा। नोएडा के सिरसा में यह एक्सप्रेसवे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा।
जेवर एयरपोर्ट के पास वाहनों को चढ़ने और उतरने के लिए लूप के निर्माण की भी योजना है। सिरसा तक एक्सप्रेसवे के जाने के कारण वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल को पकड़ सकते हैं। यहां से गाजियाबाद और फरीदाबाद की तरफ भी जा सकते हैं।
सिक्स लेन एक्सप्रेसवे का है सुझाव:-
एनएचएआई की ओर से किए गए सर्वे में सुझाव दिया गया कि एक्सप्रेसवे को शुरुआत में ही सिक्स लेन का बनाया जाएगा। दरअसल, इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक लोड काफी ज्यादा होने की बात कही जा रही है। जीटी रोड का ट्रैफिक भी एक्सप्रेसवे पर मूव होने का दावा किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार होने और उसके शुरू होने के बाद इस पर लोगों का आना-जाना बढ़ने की भी बात कही जा रही है।
380 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे:-
नोएडा कानपुर एक्सप्रेसवे 380 किलोमीटर लंबा होगा। हापुड़ जाने के लिए 60 किलोमीटर लंबे कनेक्टर का निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पूरा होने की संभावित तिथि मार्च 2026 निर्धारित की गई है। दरअसल, सर्वे में पाया गया है कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने के बाद सीधी कनेक्टिविटी की जरूरत होगी। एनएचएआई की ओर से सुझाव आया है कि अगर कानपुर-नोएडा एक्सप्रेसवे को अगर जेवर के रास्ते हापुड़ से जोड़ा जाता है तो अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। उनका सफर आसान हो जाएगा।






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