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समय सीमा खत्म होने के बाद भी अधूरा शहीद उद्यान पार्क का काम....

Aug 11
4 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास की चमकदार तस्वीर के बीच शहर के प्रमुख शहीद उद्यान पार्क, सिगरा की स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर कर रही है। पार्क के विकास और सुधार से जुड़ा काम निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद पूरा नहीं हो सका है। जिस परियोजना को लेकर चार जून 2025 को स्वीकृति दी गई थी, उसके तहत काम एक दिसंबर 2025 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक पूरा किया जाना था। लेकिन निर्धारित समय सीमा गुजरने के बाद भी पार्क अपने पुराने हाल में नजर आ रहा है।


शहर के बीचोंबीच स्थित शहीद उद्यान पार्क स्थानीय लोगों के साथ-साथ सुबह-शाम टहलने और समय बिताने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में पार्क के विकास कार्य में देरी से यहां आने वाले लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी थी और काम पूरा करने की समय सीमा भी तय थी, तो अब तक सुधार कार्य धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। चार जून 2025 को मिली थी स्वीकृति पार्क के विकास कार्य को चार जून 2025 को स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि यहां की व्यवस्थाओं में सुधार होगा। इसके बाद परियोजना के लिए काम शुरू करने और पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई। योजना के अनुसार एक दिसंबर 2025 से निर्माण या सुधार कार्य शुरू होना था और 30 जून 2026 तक इसे पूरा किया जाना था।


समय सीमा के अनुसार परियोजना को जून के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन तय अवधि बीतने के बाद भी पार्क की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है। इससे परियोजना की निगरानी और कार्य की गति पर सवाल उठ रहे हैं। पुराने हाल में पार्क, लोगों की उम्मीदें अधूरी शहीद उद्यान में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। सुबह के समय टहलने वाले लोगों से लेकर शाम को परिवार के साथ आने वाले लोगों तक के लिए यह पार्क महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की उम्मीद थी कि विकास कार्य पूरा होने के बाद पार्क में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी काम पूरा नहीं होने से लोगों को पुरानी व्यवस्थाओं के साथ ही गुजारा करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों का नियमित रखरखाव और समय पर विकास जरूरी है, क्योंकि इनका सीधा संबंध शहर के नागरिकों की सुविधाओं से है। विकास कार्यों की निगरानी पर सवाल परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू करने और पूरा करने की समय सीमा तय की गई थी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्धारित अवधि के भीतर काम पूरा क्यों नहीं हो सका। यदि किसी कारण से परियोजना में देरी हुई तो उसकी समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में अक्सर स्वीकृति के बाद काम शुरू होने और फिर समय पर पूरा होने में लंबा समय लग जाता है। शहीद उद्यान की स्थिति भी इसी समस्या की ओर इशारा करती है। लोगों का सवाल है कि जब परियोजना के लिए समय सीमा पहले से तय थी, तो संबंधित विभागों की ओर से नियमित निगरानी क्यों नहीं की गई। यदि काम में किसी तरह की तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य बाधा थी तो उसे समय रहते दूर किया जाना चाहिए था। पर्यटन और शहर की छवि से भी जुड़ा है पार्क वाराणसी देश-दुनिया में धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए यहां के सार्वजनिक स्थल भी शहर की छवि का हिस्सा होते हैं। ऐसे में प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का बेहतर रखरखाव शहर की समग्र सुंदरता और सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है। सिगरा का शहीद उद्यान शहर के प्रमुख इलाकों में स्थित है।


यहां की बेहतर व्यवस्था न केवल स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि शहर की सार्वजनिक सुविधाओं की तस्वीर भी बेहतर करेगी। विकास कार्य में देरी से इस उद्देश्य को झटका लगता दिखाई दे रहा है। लोगों ने जल्द काम पूरा कराने की मांग की स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि पार्क के विकास कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए और लंबित काम को जल्द पूरा कराया जाए। लोगों का कहना है कि परियोजना की स्वीकृति और निर्धारित समय सीमा के बारे में जानकारी होने के बाद अब वे काम पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्क में आने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए केवल योजना और बजट की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर काम पूरा होना भी जरूरी है। सरकारी उदासीनता के आरोप काम की तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद पार्क के पुराने हाल में होने को लेकर स्थानीय लोगों में सरकारी उदासीनता की भावना बढ़ रही है।


लोगों का कहना है कि विकास परियोजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर समयबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जहां बड़े स्तर पर विकास परियोजनाओं की चर्चा होती है, वहीं शहीद उद्यान की स्थिति एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल की अनदेखी की ओर ध्यान खींचती है। अब लोगों की निगाह संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है। उम्मीद है कि परियोजना में देरी के कारणों की समीक्षा कर काम को जल्द गति दी जाएगी और पार्क को निर्धारित सुविधाओं के साथ जनता के लिए बेहतर बनाया जाएगा। फिलहाल जून 2026 की तय समय सीमा गुजरने के बावजूद शहीद उद्यान का पुराने हाल में बने रहना विकास कार्यों की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर रहा है।

#वाराणसी #नरेंद्रमोदी #शहीदउद्यानपार्क #ब्रेकिंगADNन्यूज़

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