चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 20 राज्यों में छूटे और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
नई दिल्ली: देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निर्वाचन आयोग ने अब उन क्षेत्रों में एक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है जहाँ यह प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन नागरिकों को वोटर लिस्ट में स्थान दिलाना है, जिनके नाम इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान किन्हीं कारणों से छूट गए थे। इसके साथ ही, जो युवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और पहली बार मतदान करने के पात्र बने हैं, उनके नाम भी मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। आयोग ने इस संबंध में राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभियान की मुख्य बातें और कार्यप्रणाली:
पात्रों की पहचान: जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो चुका है, वहां के मुख्य और जिला निर्वाचन अधिकारी मिलकर घर-घर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।
दस्तावेजों की जांच: बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुरानी और नई सूचियों का मिलान करें। यदि कोई नाम गलती से सूची से बाहर हो गया है और वह व्यक्ति मृत या डुप्लीकेट नहीं है, तो फॉर्म-6 के माध्यम से उसका नाम दोबारा जोड़ा जाएगा।
राजनीतिक दलों का सहयोग: इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) का सहयोग भी लिया जाएगा।
तकनीकी समीक्षा और अन्य अपडेट:
प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए, निर्वाचन आयोग ने 'ECINET' की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा ताकि सॉफ्टवेयर से जुड़ी किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
दूसरी ओर, जिन राज्यों में अभी SIR की प्रक्रिया जारी है (जैसे महाराष्ट्र), वहां निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम जल्दबाजी में सूची से न हटाया जाए। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए अक्टूबर महीने में विशेष कैंप आयोजित करने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार में कोई बाधा उत्पन्न न हो।






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