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ताजिकिस्तान में आया भंकूप.....भारत में मेघालय में भूंकप के तेज झटके महसूस किए गए....

Aug 17, 2023
2 min read






























































नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, बुधवार को ताजिकिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप 2:56 बजे, 37.72 अक्षांश और 72.12 देशांतर पर आया। एनसीएस के मुताबिक भूकंप की गहराई 95 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके पहले मई में ताजिकिस्तान में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 50 किमी दर्ज की गई। भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। भारत के मेघालय और बांग्लादेश के उत्तरी क्षेत्र में भी सोमवार शाम भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए​ थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई।


नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप रात 8.19 बजे आया। यह मेघालय में चेरापूंजी से 49 किमी दक्षिण-पूर्व में महसूस किया गया। भूकंप की गहराई 16 किलोमीटर थी। क्षेत्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में था, जो मेघालय के पश्चिमी जैंतिया हिल्स जिले के दाउकी इलाके के करीब था। भूकंप का झटका मेघालय के सभी जिलों के अलावा असम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी महसूस किया गया। भारत के पूर्वोत्तरी राज्य उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आते हैं। इन क्षेत्रों में अक्सर भूकंप के झटके महसूस होते हैं।


जियोलॉजिस्ट के मुताबिक भूकंप की असली वजह टेक्टोनिक प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा माइन टेस्टिंग, वोल्केनिक इरप्शन और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। जब धरती के नीचे की सतह में टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं या टूटती हैं, तब एनर्जी उत्पन्न होती है, जो बाहर निकलने का रास्ता खोजती है। यह एनर्जी जहां उत्पन्न होती है, उस जगह को भूकंप का केंद्र कहते ​हैं। इस हाइपरसेंटर भी कहते है। यह धरती के लिथोस्फीयर में एनर्जी के अचानक रिलीज हो जाने की वजह से बनने वाली सिस्मिक वेव से होता है। भूकंप की तीव्रता और समय का पता लगाने के लिए सिस्मोग्राफ का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा रिक्टर स्केल भूकंप की तरंगों की तीव्रता मापने का पैमाना है, इस रिएक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है।

 
 
 

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