दिव्यांग छात्र ने बनाया अनोखा हेलमेट, परिवहन मंत्री द्वारा हुआ सम्मानित...

सड़क हादसे रोकने के लिए आपने बहुत सारे उपाय देखें होंगे। लेकिन सोनभद्र के बारहवीं के दिव्यांग छात्र के जब पिता बाइक एक्सिडेंट में घायल हो गए तो उसने एक ऐसा आविष्कार किया जो सड़क हादसों को रोक सके। उसने एक ऐसा हेलमेट बनाया है जिसे पहने बिना बाइक स्टार्ट नहीं हो सकती और अगर शराब पीकर ड्राइव करने की कोशशि की तब भी स्टार्ट नहीं होगी। सोनभद्र के 12वीं के एक दिव्यांग छात्र ने यह अनोखा आविष्कार किया है। इससे बाइक के होने वाले सड़क हादसों पर काफी हद तक रोक लग सकती है।
जिला मुख्यालय पर वर्ष 2022 के दिसंबर माह में हुई जनपद स्तरीय साइंस प्रतियोगिता में उन्होंने अपने इस अविष्कार को प्रदर्शित किया था। इसके बाद लोगों का ध्यान इस अविष्कार की तरफ गया और इसकी बहुत सराहना की गई। इंद्रेश कुमार गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके पास मात्र 2 बीघा जमीन है। उनके पिता रामअवतार किसान हैं और मां कमलावती देवी एक साधारण गृहणी है। उनकी दो बहनें और एक छोटा भाई है जो क्रमशः नवी, दसवीं और सातवीं में पढ़ते हैं।
ऐसा हेलमेट बनाया है, जो सेंसर आधारित:-
उत्तर प्रदेश सोनभद्र जिले के मधुपुर में 12वीं के दिव्यांग छात्र ने एक ऐसा अनोखा आविष्कार किया है। इससे बाइक से होने वाले सड़क हादसों में कमी आ सकती है। दिव्यांग छात्र इंद्रेश कुमार ने ऐसा हेलमेट बनाया है, जो सेंसर आधारित है। हेलमेट को सेंसर के जरिए बाइक में कनेक्ट करने के बाद चालक के बिना हेलमेट लगाए बाइक स्टार्ट नहीं होगी। इसके साथ ही अगर कोई शराब पीकर या फिर नशे की हालत में बाइक चलाना चाहेगा, तो हेलमेट नशे की गंध पता कर लेगा और बाइक स्टार्ट नहीं होगी। इस तरह हेलमेट न पहनने पर होने वाली मौतों में कमी आएगी साथ ही ड्रंकन ड्राइविंग पर भी रोक लगाई जा सकेगी। इंद्रेश के इस आविष्कार को प्रदेश सरकार ने भी सराहा है। वहीं, परिवहन मंत्री ने उन्हें लखनऊ बुलाकर सम्मानित भी किया था।
अविष्कार को पेटेंट कराने की तैयारी में हैं:-
इंद्रेश कुमार सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के मधुपुर गांव के रहने वाले हैं। वह सोनभद्र के चुर्क स्थित जय ज्योति इंटर कॉलेज में बायो के छात्र हैं। इंद्रेश कुमार चल नहीं पाते हैं। उनके पैरों में 50 प्रतिशत दिव्यांगता है। इसके बावजूद उन्होंने ऐसे हेलमेट का आविष्कार किया है। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। इंद्रेश कुमार अब अपने अविष्कार को पेटेंट कराने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि इस हेलमेट के लगाने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली बड़ी संख्या में मौतों को रोका जा सकेगा।
ऐसा हेलमेट बनाया जाए, इसका वचिर इंद्रेश को तब आया जब उनके पिता एक सड़क हादसे में बाइक से गिरकर घायल हो गए थे। उनका कहना है 2 वर्ष पूर्व उनके पिता राम अवतार शराब पीकर बाइक चला रहे थे। इसी दौरान उनका एक्सिडेंट हो गया और वह घायल हो गए। इसके बाद से ही इंद्रेश को ऐसा हेलमेट बनाने का विचार आया ताकि कोई शराब पीकर गाड़ी चलाएं तो गाड़ी स्टार्ट ही ना हो, और बिना हेलमेट तो बिल्कुल स्टार्ट ना हो।






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