जिला प्रशासन का कड़ा रुख: बीजापुर में लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारी सेवा से बर्खास्त...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
बीजापुर जिले में अनुशासनहीनता और प्रशासनिक कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला कार्यालय में लंबे समय से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से नदारद रहने वाले दो कर्मियों पर गाज गिरी है। चौकीदार सूरज काका और भृत्य अशोक यालम को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया है।
यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने और कार्यालयीन अनुशासनहीनता पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई है।
लंबे समय से बिना बताए गायब थे दोनों कर्मी -
कार्यालयीन रिकॉर्ड के अनुसार, चौकीदार सूरज काका और भृत्य अशोक यालम काफी समय से अपने कार्यस्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय को अपनी गैर-हाजिरी को लेकर किसी भी प्रकार की लिखित या मौखिक सूचना देना जरूरी नहीं समझा।
नोटिस और विभागीय जांच की अनदेखी पड़ी भारी -
प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए दोनों कर्मचारियों को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए। साथ ही स्पष्टीकरण मांगने के लिए आरोप-पत्र भी भेजे गए, लेकिन दोनों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद नियमों के तहत विभागीय जांच संस्थित की गई।
जांच प्रक्रिया के दौरान भी दोनों कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने और बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर दिए गए, पर वे एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। उपलब्ध अभिलेखों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप पूरी तरह प्रमाणित पाए गए।
नियमों के तहत की गई कार्रवाई -
दंडात्मक कदम उठाने से पहले प्रशासन ने अंतिम मौका देते हुए पक्ष रखने को कहा, लेकिन वहां से भी पूरी तरह चुप्पी साधी गई। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 (आठ) के अंतर्गत दोनों को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।






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