google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

आवारा कुत्तों से निजात पाने के लिए शहरी विकास निदेशालय ने जारी की एसओपी...

Dec 20, 2023
2 min read





































ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

देहरादून- आवारा कुत्तों के काटने से पीड़ित लोगों को राहत देते हुए शहरी विकास निदेशालय ने एसओपी जारी की है। इसके तहत हर नगर निकाय को एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) मॉनिटरिंग कमेटी बनानी होगी और एक डॉग स्क्वायड भी बनाना होगा, जो कुत्ते के काटने की सूचना पर संज्ञान लेगा, जांच करेगा और उन्हें अपने साथ ले जाएगा |


इसके बाद सात दिनों तक उनकी निगरानी की जाएगी. अगर यह साबित हो जाए कि कुत्ता खूंखार है तो उसे वापस उसके मूल स्थान पर नहीं छोड़ा जाएगा। शहरी विकास निदेशक नितिन भदौरिया द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक यह निगरानी समिति खूंखार आवारा कुत्तों की समस्या से संबंधित शिकायतों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर करेगी |


एसओपी के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए शिकायतकर्ता का नाम, पता, फोन नंबर, तारीख, समय, कुत्ते के काटने की जगह की जानकारी सेव हो जाएगी। यदि आवारा कुत्ते के काटने की पुष्टि हो जाती है, तो डॉग स्क्वायड (डॉग वैन, ड्राइवर, दो डॉक कैचर) उसे पकड़ लेंगे। इसके बाद उन्हें एबीसी कैंपस में ऑब्जर्वेशन के लिए रखा जाएगा |


सात दिन की निगरानी के बाद यदि यह तय हो गया कि आवारा कुत्ता आक्रामक नहीं है और काटने की प्रवृत्ति वाला है तो उसे नसबंदी के बाद वापस उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एक से तीन हफ्ते तक उस पर नजर रखी जा सकती है |


यह भी निर्देश दिए गए कि यदि यह स्पष्ट हो जाए कि कुत्ता वास्तव में आक्रामक और काटने की प्रवृत्ति वाला है तो उसे वापस उसके मूल स्थान पर नहीं छोड़ा जा सकेगा। पशु चिकित्सक हर दो माह में ऐसे आवारा कुत्तों की समीक्षा करेंगे। इस बात पर जोर दिया गया कि इस प्रक्रिया में पशु क्रूरता से बचा जाना चाहिए। निदेशालय ने सभी निकायों से इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पूर्व में जारी नियमों के तहत अभी तक गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा है। अब ताजा एसओपी के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं |

 
 
 

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html