परीक्षा में असफल उम्मीदवार की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
केंद्रीय खुफिया अधिकारी ग्रेड-दो की परीक्षा में असफल उम्मीदवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्णय सुनाया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा-24 के तहत सूचना प्रदान करने से छूट दी गई है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायाधीश संजीव नरूला की पीठ ने नोट किया कि अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारी धारा 24 आरटीआई अधिनियम के तहत छूट दी गई है।
अदालत ने केंद्रीय सूचना आयोग के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। वहीं, भ्रष्टाचार के आरोप के पहलू पर पीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले निराधार बयानों को आरटीआइ अधिनियम की दूसरी अनुसूची के तहत निर्दिष्ट किसी संगठन को इस न्यायालय से निर्देश का आधार नहीं बनाया जा सकता है। अपीलकर्ता ने वर्ष 2017 में आईबी द्वारा आयोजित सहायक केंद्रीय खुफिया अधिकारी ग्रेड- दो परीक्षा में शामिल हुआ था, लेकिन उसका नाम सफल उम्मीदवारों की सूची में नहीं आया। परीक्षा के संबंध में कुछ अनियमितताओं की खबरें अखबारों में प्रकाशित हुई।
इस पर अपीलकर्ता ने आरटीआइ आवेदन दायर कर अंकों और प्रमाणित शीट की प्रति और एक माडल उत्तर कुंजी की सूचना उपलब्ध कराने की मांग की थी। आईबी ने कहा कि अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई जानकारी आरटीआई अधिनियम की धारा -24 के तहत नहीं दी जा सकती है। इस पर अपीलकर्ता ने सीआइसी में शिकायत की। सीआईसी ने अपीलकर्ता के आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे में जबकि आईबी को आरटीआइ अधिनियम की छूट प्रदान की गई है, ऐसे में उपरोक्त सूचना नहीं दी जा सकती है। अपीलकर्ता ने सीआइसी के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन एकल पीठ से भी खारिज होने पर दो सदस्यीय पीठ के समक्ष चुनौती दी थी।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments