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शिल्पकार अरुण कुमार मेहर की पुस्तक ‘वरदान’ का CM साय ने किया विमोचन....

3 days ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-


















सारंगढ़-बिलाईगढ़:- छत्तीसगढ़ के बुनकर समुदाय से जुड़े समर्पित शिल्पकार और लेखक अरुण कुमार मेहर की पुस्तक ‘वरदान: आपदा से अवसर तक, संघर्ष, सृजन और सफलता की गाथा’ का विमोचन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय बुनकर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हथकरघा, शिल्पकला और स्वदेशी उत्पादों से जुड़े प्रदेश के बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामोद्योग से जुड़े कारीगरों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित विभागीय अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


पारंपरिक हथकरघा कला से जुड़ा है मेहर का सफर

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील से लगे ग्राम पंचधार निवासी अरुण कुमार मेहर राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार और बुनकर हैं। वे पारंपरिक हथकरघा और उड़िया साड़ियों की बुनाई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने अनुभवों, संघर्ष और सृजन की यात्रा को ‘वरदान’ पुस्तक के माध्यम से सामने रखा है। छत्तीसगढ़ में बुनकरों और स्थानीय हस्तशिल्प को देश के प्रमुख एयरपोर्ट और बड़े मॉल तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच इस पुस्तक को स्थानीय कला और बुनकर समुदाय के अनुभवों को सामने लाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पुस्तक की कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने भी सराहना की है। पुस्तक का संपादन वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक, संपादक एवं कवि त्रिलोचन पटेल ने किया है।


युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास

अरुण कुमार मेहर ने बताया कि ‘वरदान’ पुस्तक समाज के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उनका उद्देश्य अपने अनुभवों और संघर्ष की कहानी को युवाओं तक पहुंचाना और उन्हें पारंपरिक कला, मेहनत और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। पुस्तक के विमोचन के दौरान साहित्यकार त्रिलोचन पटेल सहित अन्य लोगों ने पुस्तक की विषयवस्तु और इसके सामाजिक सरोकार की सराहना की।



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