CM बघेल ने डॉक्टर्स के हड़ताल को लेकर किया बड़ा ऐलान.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है, उन्होंने जूनियर डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने का फैसला किया है.
ये डॉक्टर 1 अगस्त से हड़तालरत हैं जिससे सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गई थी. छत्तीसगढ़ प्रदेश के चार हजार जूनियर डॉक्टर्स स्टाइपेंड बढ़ाने के अलावा अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं.
छत्तीसगढ़ सरकार ने पीजी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के साथ साथ एमबीबीएस कर रहे छात्रों का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है. पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों को अब 67500, द्वितीय वर्ष को 71450 और तृतीय वर्ष के छात्रों को 74600 रुपये प्रति महीने स्टाइपेंड के रूप में दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की ओर से लिए गए फैसले की घोषणा ट्विटर पर की है. बघेल ने ट्वीट किया, ''यह साझा करते हुए संतोष हो रहा कि हमने जूनियर डॉक्टर्स की शिष्यवृत्ति में वृद्धि करने का निर्णय लिया है. शिष्यवृत्ति की नवीन दर इस प्रकार से होंगी- पीजी प्रथम वर्ष - 53550 से 67500 प्रति माह, पीजी द्वितीय वर्ष - 56700 से 71450 प्रति माह, पीसी तृतीय वर्ष - 59200 से 74600 प्रति माह, एम. बी. बी. एस. - 12600 से 15900 प्रति माह.'' छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में 1 अगस्त को जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी बंद किया और हॉस्पिटल के ठीक सामने पंडाल लगाकर हड़ताल पर बैठ गए. इसके बाद दूसरे दिन जब सरकार ने कोई वार्ता नहीं किया तो इमरजेंसी सेवा भी जूनियर डॉक्टरों ने बंद कर दी. इसके बाद से लगातार जूनियर डॉक्टर हॉस्पिटल तो आते थे लेकिन केवल हड़ताली पंडाल पर बैठते थे. इसके अलावा मरीजों को परेशानी कम हो इसके लिए पंडाल से ही ओपीडी का काम करते थे. लेकिन सैकड़ों की संख्या में मरीजों को वापस जाना पड़ता था. सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की मांग मान ली है. 4 साल के बांड पर अभी तक सरकार की तरफ से फैसला नहीं लिया गया है. इस लिए जूनियर डॉक्टर सरकार की पूरे फैसले का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद ही हड़ताल वापस लेने पर फैसला लिया जाएगा. तब तक के लिए जूनियर डॉक्टरों का पूरे प्रदेश में हड़ताल जारी है.






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